आजादी के साढ़े सात दशक बाद गांव में नहीं पहुंच मार्ग, सड़क और पुल पुलिया के अभाव में पार करनी पड़ रही उफनती नदी
कोरबा। औद्योगिक नगरी कोरबा जहां नित्य नए विकास के आयाम गढ़ रहा है। वही विशेष पिछड़ी जनजाति के रहवास क्षेत्र में विकास की रोशनी तक नहीं पहुंच पाई है। आजादी के 75 बरस बाद भी गांव में पहुंच मार्ग और पुलिया तक शासन प्रशासन नहीं बन पाई है। ऐसे में बच्चों को उफनती नदी को पार कर स्कूल जाना पड़ रहा है, तो दूसरी ओर किसी की तबीयत बिगड़ जाए तो मरीज को खाट पर लिटाकर अस्पताल पहुंचाना पड़ रहा है। रामपुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत करतला से बांसाखर्रा तक पहुंच मार्ग सड़क एवं पुल निर्माण नहीं हुआ है। क्षेत्र के ग्रामीण कलेक्टर जन चौपाल में इसकी शिकायत लेकर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि
ग्राम पंचायत गेरांव के बांसाखर्रा में विशेष पिछडी जनजाति के लोग निवासरत है। जिन्हें आवागमन की समस्या हो रही है। सड़क व पुल नहीं होने कारण अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गांव से छोटे-छोटे बच्चों को पूर्व०मा० शाला करतला जाने की समस्या हो रही है। गांव के छोटे-छोटे बच्चों को नदी तैरकर पार करना पड़ता है। नदी में पानी भरा हुआ रहता है। ऐसे में बच्चों ऐसे में बच्चों के साथ अप्रिय घटना घटने की प्रबल संभावना है। बच्चों को स्कूल भेजने खतरा मोल लेना पड़ रहा है। गांव में पहुंच मार्ग व पुलिया नहीं होने के कारण एम्बुलेंस और अन्य वाहन नहीं पहुंचते हैं। किसी ग्रामीण की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें खाट पर लिटाकर करतला अस्पताल लाना पड़ता है, जिसे लेकर उन्होंने कलेक्टर से मांग करते हुए कहा है कि उनके गांव में पहुंच मार्ग और पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि उनकी परेशानियां दूर हो सके।
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