Monday, February 16, 2026

बार बार आश्वासन फिर भी मांग अधूरी, अब करेंगे मुख्यालय कूच, एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ भडक़ा भू विस्थापितों का आक्रोश

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बार बार आश्वासन फिर भी मांग अधूरी, अब करेंगे मुख्यालय कूच, एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ भडक़ा भू विस्थापितों का आक्रोश

कोरबा। एसईसीएल प्रबंधन पर वादा खिलाफी व टालमटोल नीति का आरोप लगाते हुए भू-विस्थापितों ने आंदोलन की घोषणा कर दी है। 16 अक्टूबर को सभी प्रभावित ग्रामीण एसईसीएल मुख्यालय का घेराव करेंगे। सराईपाली खदान के प्रभावित ग्राम में बैठक कर भू-विस्थापितों ने आंदोलन की रूपरेखा बनाना भी शुरू कर दिया है।भू- विस्थापित ने एसईसीएल प्रबंधन के रवैय्या से त्रस्त होकर आंदोलन का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि बार-बार आवेदन के बाद भी मांगों को पूरा करने के बजाए केवल आश्वासन देकर गुमराह किया जा रहा है। 26 सितंबर को बुडबुड खदान में आंदोलन किया गया था, तब मुख्यालय के अधिकारियों की उपस्थिति में महाप्रबंधक कार्यालय कोरबा में बैठक करने का आश्वासन दिया गया। इस बैठक में एसईसीएल मुख्यालय से पहुंचे महाप्रबंधक भू -राजस्व शरद तिवारी उपस्थिति में बैठक आयोजित की गई। इस दौरान महाप्रबंधक तिवारी ने मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों को इस विषय से अवगत करा कर अग्रिम कार्यवाही करने की बात कही। इससे ग्रामीणों ने असंतोष व्यक्त किया। वहीं अंबिका परियोजना के लिए ग्राम करतली का आंशिक अधिग्रहण करने पर भी ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराते हुए संपूर्ण अर्जन करने कहा। तब महाप्रबंधक तिवारी ने मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई चलने की बात बताई गई। रोजगार के लिए कोल इंडिया पालिसी 2012 लगाए जाने से ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर की। साथ ही मांग की ग्राम के मूल निवासी खातेदार को रोजगार मिले इसके लिए कोल इंडिया पालिसी के स्थान पर राज्य की पुनर्वास नीति के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जाए।कोल इंडिया पालिसी के अनुसार अर्जन पूर्व खरीदी गई भूमि पर भी रोजगार की पात्रता है। बैठक में सकारात्मक निर्णय नहीं निकलने पर ग्रामीण असंतुष्ट हो गए और एसईसीएल मुख्यालय घेराव की चेतावनी दी। रविवार को ग्राम करतली में क्षेत्रीय पंचायत प्रतिनिधि व आठ पंचायत के ग्रामीण उपास्थित हुए। इस दौरान 16 अक्टूबर को एसईसीएल मुख्यालय घेराव करने हेतु निर्णय लिया गया। साथ ही कहा कि चारों परियोजनाओं की रोजगार, मुआवजा बसाहट, वैकल्पिक रोजगार, बसाहट का पट्टा व अन्य समस्याओं कोलेकर आंदोलन किया जाएगा। शासन एसईसीएल की भूमि पर बेजा कब्जा किए लोगों को पट्टा आवंटित कर रहा है, जबकि एसईसीएल द्वारा नियमानुसार आवंटित पुनर्वास का आंदोलन करने के बाद भी पट्टा प्रदान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि जब तक मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं किया जाता, तब तक यह आंदोलन लगातार जारी रहेगा।

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