स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक में उठेगा कोयला कर्मियों के हितों का मुद्दा, वेतन समझौता-11 पर क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की उम्मीद
कोरबा। महीने के 14 नवंबर को स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक होगी। इसके गठन के बाद यह पहली बैठक है, जिसमें कोयला कर्मियों के हित के अनेक मुद्दे को प्रबंधन के समक्ष रखा जाएगा। कोल इंडिया में मेडिकल अनफिट के मामले भी लंबित हैं, जिस पर प्रक्रिया आगे बढऩे का इंतजार अनेक कर्मचारियों को है, जो खदान में कार्य करने में शारीरिक रूप से अक्षम हैं। कोल इंडिया की स्टैंडराइजेशन कमेटी में कोयला कर्मियों के हित के मुद्दे उठाए जाएंगे। कोल इंडिया की अनुषंगी कंपनियों में मेडिकल अनफिट के मामले भी लंबित है, जिस पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया जा सका है। वेतन समझौता-11 के अनेक निर्णय पर क्रियान्वयन आदेश जारी नहीं हुआ है। कमेटी में सदस्य यूनियन नेताओं की ओर से प्रबंधन के साथ इन दोनों मुद्दे पर भी चर्चा कर सकते हैं।जेबीसीसीआई कमेटी की बैठक में कोयला कर्मियों के हित में अनेक निर्णय लिया है। मगर इम्प्लीमेंट इंस्ट्रक्शन जारी नहीं होने से क्रियान्वयन में देरी हुई है। इस पर कोल इंडिया प्रबंधन के साथ श्रमिक नेताओं की चर्चा हो सकती है। एटक नेता दीपेश मिश्रा ने बताया कि स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक बुलाई गई है, जिसमें कोयला कर्मियों के हितों पर चर्चा की जाएगी। अनेक लंबित मुद्दे उठाए जाएंगे। कमेटी में चार यूनियन शामिल, इंटक बाहर स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक में चार यूनियन बीएमएस, एटक, सीटू व एचएमएस शामिल है। इस कमेटी में इंटक शामिल नहीं होने से संगठन के सदस्य बैठक में शामिल नहीं हो पाएंगे। कमेटी में केन्द्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से बीएमएस के एच सुधीर घुरडे, मजरूल हक अंसारी, एचएमएस से नाथूलाल पांडेय, शिवकांत पांडेय, एटक के रमेन्द्र कुमार व सीटू के डीडी रामानंदन शामिल हैं।
![]()

