आश्रितों के रोजगार संबंधी फैसले के लिए बनेगी ज्वाइंट कमेटी
कोरबा। श्रमिक संगठनों की ओर से कोल इंडिया व एसईसीएल प्रबंधन के समक्ष विभिन्न मौके पर ठेका कर्मियों के हित संबंधी मुद्दे को उठाया है। चाहे वह सामाजिक सुरक्षा की बात हो या फिर कोल इंडिया की हाई पॉवर कमेटी द्वारा निर्धारित दर पर वेतन भुगतान किया। कोयला कर्मियों के हितों में की जाने वाली हड़ताल में भी अब ठेका कर्मियों के मुद्दे शामिल किए जाते रहे हैं। इन सबके बीच स्टैंडराइजेशन कमेटी की बैठक में निर्णय हुआ है कि ज्वाइंट कमेटी गठित कर कोयला कंपनियों के कॉलोनियों में सरप्लस आवास रहने पर रिटायर्ड कर्मियों व ठेका कर्मियों को आवंटित किया जाएगा।इसी तरह की एक अन्य ज्वाइंट कमेटी आश्रितों के रोजगार संबंधी फैसले करने को लेकर बनेगी, जिसमें श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल रहेंगे। यहां बताना होगा कि कोल इंडिया में कोयला कामगारों के 11 वें वेतन समझौते के बाद यूनियन और अधिकारियों के संगठन आमने-सामने हो गए थे, उस समय वेतन समझौते का एसोसिएशन ने यह कहकर विरोध किया कि कोयला कंपनियों के ए-वन ग्रेड के अधिकारियों से कोल कर्मियों का वेतन अधिक हो गया है। डीपीई के गाइडलाइन के उल्लंघन का हवाला भी दिया जाने लगा। इस पर श्रमिक संगठनों की ओर से यह कहा जाने लगा कि अनुकंपा नियुक्ति में जो भेदभाव है वह खत्म होना चाहिए।
![]()

