सडक़ों से स्ट्रीट लाइट गायब, अंधेरे में हादसे का खतरा
कोरबा। दर्री-गोपालपुर की सडक़ पर भारी वाहनों का दबाव दिनभर रहता है। सर्वमंगला-इमलीछापर मार्ग का ज्यादा हिस्सा बन चुका है इसके बाद भी स्ट्रीट लाइट लगाने को लेकर कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। मार्ग पर धूल से परेशानी होती है। शाम के बाद बाइक चालकों को अकसर हादसे की संभावना सताते रहती है।बड़े वाहनों की वजह से उड़ते धूल की वजह से छोटे वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। खासकर धूल की दिक्कत ज्यादा हो रही है। इधर इस सबसे महत्वपूर्ण मार्ग पर पूर्व में जो स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थी। उनमें ज्यादातर बंद पड़े थे। तो कुछ कबाड़ हो चुके थे। रात के समय इस मार्ग से गुजरने में परेशानी हो जाती थी। स्थानीय लोगों ने इसके लिए आंदोलन भी किया था। इसके बाद एनटीपीसी ने निगम को फंड देेने को लेकर सहमति दी थी। कुल 85 लाख रूपए की लागत से दर्री थाने से लेकर गोपालपुर तक की स्ट्रीट लाइटें लगाई जानी थी। अब सडक़ पूरी बन चुकी है, स्ट्रीट लाइटें नहीं लगाई जा सकी है। इसके पीछे वजह बताई जा रही है कि निगम ने अन्य मार्गों पर लाइटें लगा दी है। इस वजह से अब इस मार्ग पर लाइटों को लगाने के लिए निगम के पास फंड की कमी सामने आ रही है।गेरवाघाट से प्रगतिनगर बायपास मार्ग को बने पांच साल से अधिक समय हो चुका है, अब तक इस मार्ग पर स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी है। सडक़ सूनसान होने की वजह से अपराधिक वारदात होने का खतरा सताते रहता है। लोग दर्री पश्चिम क्षेत्र में जाने के लिए इस मार्ग का भी आवागमन करते हैं।
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