निगम के उद्यानों की हुई दुर्गति, रखरखाव पर नहीं है ध्यान, पाथ-वे पर जमी है धूल की मोटी परत, नहीं हो रही साफ सफाई
कोरबा। नगर निगम द्वारा लाखों रुपए खर्च कर उद्यानों की सौंदर्यता और आकर्षण के लिए फौव्वारे लगाए गए थे। वह लंबे समय से खराब हैं। साफ-सफाई ठप हो गई है। जगह-जगह गंदगी पसरी हुई है। हरियाली भी चौपट हो रही है। घास, पेड़ व पौधों को मवेशी चट कर रहे हैं। पाथ-वे पर धूल की मोटी परत जमी हुई है। फर्श पर लगाए गए पत्थर टूट रहे हैं। मूर्तियां जर्जर हो चुकी है। बच्चों के लिए लगाए गए झूले जर्जर हो टूट चुकी है, जो बचे झूले पर जंग लगे हुए हैं। इससे बच्चे व लोगों को चोंटे आ रही है। इस कारण परिजन भी अपने बच्चों को उद्यान भेजने व झूला झूलाने से बच रहे हैं। इस कारण बच्चे झूले का लुत्फ नहीं उठा पा रहे हैं। सुबह और शाम घूमने के लिए पहुंचने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है। इसके बाद भी उद्यान की व्यवस्था को दुरूस्त करने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पहले शहर के इन उद्यानों में सुबह व शाम लोगों की चहल-पहल अधिक रहती थी। शहर के अलावा सर्वमंगला उद्यान की सूरत भी बिगड़ चुकी है।सर्वमंगला उद्यान के मुख्य मार्ग से भारी वाहनों को दबाव बना हुआ है। कई भारी वाहन नीचे से होकर गुजर रही है। इस कारण सडक़ जर्जर हो चुकी है। धुल के गुबार उड़ रहे हैं। इससे लोगों को दिक्कते का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। इधर नगर निगम उद्यान के मेंटनेंस, साफ-सफाई व अन्य व्यव्स्थाओं को दुरूस्त करने के नाम पर हर साल लाखों रुपए ठेकेदार को भुगतान कर रहा है। ठेकेदार द्वारा उद्यान की व्यवस्था में सुधार को लेकर खानापूर्ति की जा रही है। बावजूद इसके निगम के अधिकारी इन लापरवाह ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं कर रहा है।
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