Wednesday, February 11, 2026

हसदेव क्षेत्र को खनन मुक्त किसान सभा ने उठाई आवाज, 7 जनवरी को हसदेव में नागरिक प्रतिरोध मार्च में शामिल होगें किसान सभा और भू विस्थापित संगठन

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हसदेव क्षेत्र को खनन मुक्त किसान सभा ने उठाई आवाज, 7 जनवरी को हसदेव में नागरिक प्रतिरोध मार्च में शामिल होगें किसान सभा और भू विस्थापित संगठन

कोरबा। छत्तीसगढ़ किसान सभा ने भाजपा सरकार द्वारा परसा ईस्ट केते बासेन कोयला खदान को अडानी को सौंपने का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन कोरबा कलेक्टर के माध्यम से सौंपकर हसदेव के संबंध में विधानसभा के संकल्प पर अमल करने की अपील की है। 7 जनवरी को हसदेव में नागरिक प्रतिरोध मार्च में जिले से किसान सभा, भू विस्थापित संगठन, गौ रक्षा आंदोलन समिति ने आम जनता से शामिल होने की अपील की है। छत्तीसगढ़ किसान सभा के नेता जवाहर सिंह कंवर,प्रशांत झा,दीपक साहू ने कहा है कि हसदेव क्षेत्र को खनन मुक्त रखने के संबंध में छत्तीसगढ़ विधानसभा ने भाजपा के समर्थन से सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था। आज भाजपा सत्ता में आने के बाद इस प्रस्ताव से मुकर रही है और अडानी की लूट के लिए खनन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस बल के साए में जंगल की कटाई करवा रही है। किसान सभा नेता ने कहा है कि भाजपा सरकार का यह कदम आदिवासी विरोधी और वनाधिकार कानून, पेसा कानून और भू-अर्जन कानून का उल्लंघन है, जो यह कहता है कि वन भूमि पर आदिवासी अधिकारों की स्थापना पहले की जाएगी और उसके बाद ही ग्राम सभाओं की सहमति से खनन प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हसदेव क्षेत्र में वनों पर काबिज आदिवासियों को पट्टे देने के बजाए उनसे वन अधिकार पत्रक तत्कालीन भाजपा सरकार द्वारा छीन लिए गए थे।
किसान सभा नेता ने कहा है कि हसदेव के जंगलों के विनाश का अर्थ है बांगो बांध का अस्तित्व खत्म होना, पर्यावरण और जैव विविधता का खत्म होना, कृषि का चौपट होना, मानव-हाथी संघर्ष का बढऩा और आदिवासियों का बड़े पैमाने पर विस्थापन। ये सभी कारक मिलकर छत्तीसगढ़ और आदिवासियों की विनाश लीला ही रचेंगे।छत्तीसगढ़ किसान सभा ने कहा है कि विपक्ष में रहते हुए भाजपा ने इस प्रदेश के आदिवासियों से जो वादे किए थे, सत्ता में आने के बाद भाजपा उस पर अमल करें, न कि कॉर्पोरेटपरस्त आदिवासी विरोधी रुख अपनाए।ज्ञापन सौंपने में प्रमुख रूप से किसान सभा, भू विस्थापित संगठन, गौ रक्षा आंदोलन समिति,के मेघा चौहान,अब्दुल नफीस, दामोदर श्याम, सुमेन्द्र सिंह ठकराल, दीनानाथ, अमरजीत, होरीलाल, उत्तम दास, जय कौशिक उपस्थित थे।

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