पुलिस ने अंधे कत्ल की मामला को सुलझाया, चोरी की मंशा के साथ दो सुरक्षा कर्मियों की हत्या, सिवनी की शराब दुकान में 75 दिन पहले हुई थी घटना, बेसिक पुलिसिंग से पकड़ाए हत्यारे
कोरबा/जाँजगीर चाम्पा। सिवनी (चांपा) गांव की सरकारी शराब दुकान में दो सुरक्षाकर्मियों की टांगिया मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल के साथ आरोपी शिव शंकर उर्फ़ मुन्ना सहिस और कृष्णा सहिस को गिरफ्तार किया है। वही इस मामले की तह तक जाने के लिए पुलिस ने कई स्तर पर प्रयास किया, लेकिन आरोपी बचते रहे। अंततः बेसिक पुलिसिंग ही काम आई और आरोपी ने लुकाछिपी का खेल खेलने में नाकाम हो गए। वही आरोपियों की गिरफ्तारी से पुलिस ने एक बड़ी चुनौती को हल कर लिया है। इसके साथ यह भी साबित हो गया है कि दूसरे विभागों के मुकाबले पुलिस का कार्य क्षेत्र सबसे अलग है। तमाम तरह की उलझन और तनाव में रहने के बाद भी पुलिस चुनौती को न केवल स्वीकार करती है बल्कि उसे शत प्रतिशत निराकृत करने में भी सफल होती है। वही 4-5 नवंबर 2023 की दरयानी रात जांजगीर चांपा जिले के ग्राम पंचायत सिवनी के सरकारी शराब दुकान में नृशंस तरीके से दो सुरक्षाकर्मियों 28 वर्षीय यदुनंदन पटेल और 35 वर्षीय जयकुमार सूर्यवंशी की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी गई थी। वही घटना को अंजाम देने वाले नकाब पहन कर आए थे। जिनकी तस्वीरें सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई थी। वही चाँपा पुलिस थाना में हत्या के इस मामले को लेकर पुलिस के द्वारा अपराध संख्या 537/ 2023 दर्ज किया था। मामले की जांच पुलिस के साथ-साथ साइबर सेल, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट, फॉरेंसिक डिपार्टमेंट, डॉग स्क्वाड के द्वारा की जा रही थी । लंबे समय तक इस मामले में पुलिस ने लोगों से पूछताछ की। मृतक के परिवार, परिचितों दोस्तों के साथ-साथ कोरबा, जांजगीर-चंपा और शक्ति जिले के शातिर बदमाशों से भी लगातार पूछताछ कर तथ्य पता करने का प्रयास किया गया। लेकिन कोई खास सफलता नहीं मिली। पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के द्वारा इस मामले की जांच की जिम्मेदारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसडीओपी चाँपा एवं सशक्त टीम को दी गई थी। वही टीम के साथ लगातार कामकाज को जारी रखा। अंतिम रूप से इस मामले में पुलिस के लिए निर्णायक साबित हुई बेसिक पुलिसिंग, जिसने मंडी रोड सिवनी निवासी शिव शंकर सहिस को दबोचा। दरअसल इस मामले को लेकर कुछ चीज सामने आई थी और इस आधार पर माना जा रहा था कि नतीजे काफी जल्द मिल सकते हैं। इस कड़ी में पुलिस ने एक आरक्षक को सूचना एकत्रित करने के लिए जुटाया और यह तरीका कारगर साबित हुई। आखिरकार शिव शंकर ने अपने परिचित कृष्णा सहिस के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर ली। पूछताछ में उसने बताया कि वास्तविक रूप से शराब दुकान में चोरी करने की उनकी योजना थी। लेकिन घटना वाले दिन मामला हत्या का हो गया। लगभग 75 दिन तक चली जांच पड़ताल के साथ पुलिस ने इस मामले का खुलासा करने के साथ एक बड़ी टास्क को पूर्ण कर लिया है। वही पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल ने सफलता के लिए पूरी टीम को बधाई दी है।
शमशान से चुराए कपड़े का उपयोग
पूछताछ में आरोपी ने इस बात को स्वीकार किया की घटना को अंजाम देने के लिए गांव के मुक्तिधाम से चोरी किये गए कपड़ों का उपयोग किया गया है।उन्हें कैंची से कुतर दिया गया ताकि किसी को समझ में ना आए। आरोपी के कब्जे से नगदी रकम और अपराध में उपयोग किए गए हथियार व अन्य सामान बरामद किए गए हैं। वही इस प्रकरण में पुलिस ने 386 सिम कार्ड और 714 मोबाइल नंबर के कॉल डिटेल भी खंगाले।
हत्या के लिए प्रोफेशनल तरीका
अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए अराजक तत्व कितने नीचे गिर सकते हैं, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सिवनी (चाँपा) में सुरक्षाकर्मियों की हत्या करने वालों ने प्रोफेशनल तरीका अपनाया। वही शराब दुकान में सतर्कता के लिए रखे गए चार कुत्तों को मुख्य आरोपी के सहयोगी ने बिस्किट डालकर अपने पाले में कर लिया। ऐसा करने से कुत्तों का व्यवहार बदल गया और मुख्य आरोपी वारदात को अंजाम देने में सफल हो गया। आखिरकार आरोपी पकड़े गए और अब जेल की हवा खानी पड़ेंगी।
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