हड़ताल के बाद मुख्यालय के पत्र से कर्मियों में हड़कंप, यूनियन नेताओं ने कहा डोंट वेरी
कोरबा। केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ 16 फरवरी को कोयला खदानों में हुई हड़ताल के बाद बिलासपुर मुख्यालय के द्वारा 17 फरवरी को एक पत्र जारी किया गया था। जिसमें हड़ताल में भाग लेने वाले कर्मचारियों की सूची बनाकर लौटती डाक से भेजने का फरमान जारी किया गया था। इस पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से हड़ताल में शामिल कोयला श्रमिकों में दहशत का माहौल था। कोयला श्रमिक डरे हुए थे उन्हें लग रहा था कि हड़ताल के दिन का वेतन काट लिया जाएगा या फिर किसी न किसी प्रकार से प्रताड़ित जरूर किया जाएगा। हड़ताल में शामिल कोयला कर्मी श्रमिक संगठन के केंद्रीय नेतृत्व की तरफ ऊम्मीद भरी निगाहों से देख रहे थे। यूनियन नेताओं का कहना है कि मुख्यालय के द्वारा जारी किए गए पत्र के बाद डरे सहमें हड़ताल में शामिल कोयला श्रमिकों को अब डरने की जरूर नहीं है। उन्होंने कोयला श्रमिकों को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि ऐसे पत्र आते जाते रहते हैं। मजदूर भाइयों को अपनी एकता पर ध्यान देना चाहिए ।हमारी एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। श्रमिकों का शोषण करने वालों के खिलाफ संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हड़ताल हुई थी। देशव्यापी हड़ताल को श्रमिकों की एकता ने सफल बनाया था सभी मजदूर भाइयों को संगठित रहते हुए अपनी एकता को और भी सशक्त करना है। श्रमिक संगठन के प्रत्येक निष्ठावान कार्यकर्ता को बिना डरे संगठन को सशक्त करने का प्रयास पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ करते रहना है। केंद्रीय नेतृत्व अपने सच्चे सिपाहियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मजदूरों के हकों की लड़ाई लड़ता रहेगा।
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