Friday, February 13, 2026

रमजान के पहले जुमा की नमाज में मस्जिदों में रही भीड़, लोगों ने बच्चों और बुजुर्गों के साथ अदा की नमाज

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रमजान के पहले जुमा की नमाज में मस्जिदों में रही भीड़, लोगों ने बच्चों और बुजुर्गों के साथ अदा की नमाज

कोरबा। माह-ए-रमजान चांद दिखने की तस्दीक के साथ 11 मार्च से शुरु हो चुका है। मुस्लिम बंधुओं ने 12 मार्च मंगलवार को पहला रोजा रखा। 15 मार्च को रमजान का पहला जुमा पड़ा। इसे लेकर मस्जिदों में बड़ी संख्या में मुस्लिम बंधुओं ने नमाज अदा की। पहले जुमा को शहर सहित उपनगरीय इलाके के इबादतगाहों में मुस्लिमों की भीड़ रही।इस बार रमजान में 4 जुमा पड़ रहे हैं। इस्लाम में जुमा की नमाज की खास अहमियत है। वहीं रमजान में पडऩे वाले जुमे का महत्व और बढ़ जाता है। सभी धर्म में सप्ताह के किसी दिन को विशेष माना जाता है। बात करें इस्लाम धर्म की तो इस्लाम में अल्लाह की इबादत करने के लिए शुक्रवार यानी जुमा को बेहद खास माना गया है। इस दिन मुस्लिमबंधु नमाज अदा कर खुदा की इबादत के लिए मस्जिदों में पहुंचते हैं। खासकर रजमान के पाक महीने में पडऩे वाले जुमे की विशेष अहमियत होती है। रमजान को इबादत और बरकत का पाक महीना माना गया है। इस पूरे महीने में मुसलमान रोजा भी रखते हैं। मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार ऐसे में रमजान के महीने में रोजा रखकर जब रोजेदार जुमा की नमाज अदा करते हैं तो अल्लाह उनकी सभी मुरादों को पूरी करता है। इसलिए रमजान के महीने में पडऩे वाले शुक्रवार का महत्व और बढ़ जाता है। आज रमजान के पहले जुमा की नमाज अदा करने के लिए मुसलमान बड़ी तादाद में मस्जिद पहुंचें और सिर झुकाकर अल्लाह की इबादत की। इस्लाम धर्म में रोजाना पांच वक्त की नमाज अदा करना फर्ज माना गया है। मुस्लिम मान्यताओं के अनुसार जुमा की नमाज इसलिए भी खास मानी गई है, इस्लाम धर्म में मान्यता है कि अल्लाह ने आदम को जुमे के दिन ही बनाया था और इसी दिन आदम ने पहली बार जन्नत में कदम रखा था। ऐसी भी मान्यता है कि कयामत के दिन जुमे के दिन ही हिसाब-किताब होगा। साथ ही इस्लाम में ऐसी मान्यता है कि जुमे की दिन अदा की गई नमाज से अल्लाह पूरे हफ्ते की गलतियों को माफ कर देता है।इस साल रमजान के महीने में कुल 4 जुमा पड़ेंगे। माह-ए-रमजान की शुरुआत 11 मार्च से हुई है। पहला जुमा आज 15 मार्च को पड़ा। इसके बाद दूसरा जुमा 22 मार्च, तीसरा 29 मार्च और चौथा व आखिरी जुमा 5 अप्रैल को पड़ेगा। 10 अप्रैल को 30वा रोजा रखा जायेगा। संभवत: 11अप्रैल को ईद मनाई जाएगी। हालांकि चांद के दीदार के बाद ही ईद मनाने का दिन मुकर्रर होगा।ईद आने की खुशियां और माहे रमजान जाने का गम जमातुलविदा की नमाज में देखने को मिलता है। रमजान माह के आखिरी जुमा को जमातुलविदा की नमाज अदा की जाती है। इस साल जमातुलविदा 25 वें रोजे के दिन 5 अप्रैल को पड़ रहा है। माह-ए-रमजान की 25 वें रोजे के के साथ रहमतों और बरकतों के इस माह मुस्लिम बंधु अंतिम शुक्रवार को मस्जिदों में जमातुलविदा की नमाज अदा करेंगे।

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