Thursday, February 19, 2026

इलेक्ट्रिक वाहनों बढ़ी डिमांड पर नहीं बने चार्जिंग स्टेशन, दो पहिया, ऑटो और चार पहिया ई वाहनों दिख रहा क्रेज

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इलेक्ट्रिक वाहनों बढ़ी डिमांड पर नहीं बने चार्जिंग स्टेशन, दो पहिया, ऑटो और चार पहिया ई वाहनों दिख रहा क्रेज

कोरबा। पेट्रोल-डीजल के कीमत 100 रुपए प्रति लीटर पहुंच चुकी है। दामों को लेकर अब लोगों को रुझान इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ बढ़ा है। उधर केन्द्र व राज्य सरकार की ओर से बढ़ते प्रदूषण को लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने का प्रयास हो रहा है। लोगों के इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रति बढ़ते रूझान का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिले में हजारों इलेक्ट्रिक वाहनों का पंजीयन जिला परिवहन ऑफिस में हो चुका है। ये स्थिति लगातार जारी है। जिसे लेकर अब शहर में चार्जिंग स्टेशन की मांग बढऩे लगी है। इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी की तरफ लोगों का फोकस बढऩे की वजह ग्रीन एनर्जी के साथ ही महंगे होते पेट्रोल और डीजल होना है। कम खर्च में ज्यादा चलने पर लोग ई-व्हीकल की ओर आकर्षित हो रहे है। ईधन की तुलना में इन वाहनों के उपयोग पर प्रति किमी बिजली का खर्च महज 20 फीसदी है। कंपनियां इसमें लगातार सुधार कर रही है और स्पीड बढ़ाने के साथ ही इनका लुक भी सुधार रही हैं। बड़ी-बड़ी कंपनियां भी अब इलेक्ट्रिक व्हीकल के क्षेत्र में उतर रही है। नतीजतन इनकी बिक्री का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। जानकारों की मानें तो इनकी कीमत पेट्रोल और डीजल के वाहनों के बराबर है और कई की कीमत तो ज्यादा भी है। बावजूद खर्च कम होने से इनकी खरीदी बढ़ी है। वहीं ऑयल के दामों में प्रतिदिन बढ़ोतरी हो रही है। सालभर पहले पेट्रोल के दाम जिले में 110 रुपए तक पहुंच गए थे। हालांकि अब कुछ राहत होते हुए 100 रुपए पर बने हुए है। फिर भी शतक छू रहे हैं। जिले में बढ़ते इलेक्ट्रिक व्हीकलों के साथ ही चॉर्जिंग स्टेशन की आवश्यकता भी महसूस की जा रही है। इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिए चॉर्जिंग स्टेशन खुल जाने से लोगों के लिए यह काफी राहत वाली होगी। राज्य सरकार इलेक्ट्रिक व्हीकलों को बढ़ावा दे रही है। इसके तहत इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन बनाने के लिए सरकार कंपनियों को कम कीमत पर जमीन उपलब्ध करवा रही है। जानकारी के अनुसार शहरी सीमा में जल्द ही चार्जिंग स्टेशन बनाने की योजना पर काम हो सकता है। माना जा रहा है कि हाइवे पर भी चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। जिससे ई-वाहन चालकों को परेशानी नहीं उठानी पड़े। जानकारों की मानें तो अगले पांच सालों में हर तीसरा वाहन इलेक्ट्रिक होगा। बदलते परिवेश में ईवी का क्रेज काफी तेज से बढ़ता जा रहा है।
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इलेक्ट्रिक वाहनों के शोरूम भी बढ़ते जा रहे
इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीदी की तरफ रूझान बढऩे के साथ ही इनके शोरूम की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। टू-व्हीलर सेग्मेंट में शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के दर्जन भर शोरूम हो गए हैं। इतने ही शोरूम पेट्रोल और डीजल के भी हैं। ऐसे में इलेक्ट्रिक वाहन जिन्हें जिला परिवहन विभाग में पंजीकृत कराना जरूरी है।

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