उमस भरी गर्मी ने बढ़ाई परेशानी, अब बारिश का बढ़ा इंतजार, बादल छा रहे हैं लेकिन नहीं हो रही बरसात
कोरबा। करीब चार दिन पहले हुए प्री मानसून की बारिश के बाद आसमान पर बादल तो छाए हैं, लेकिन बरस नहीं रहे हैं, जिससे उमस बढ़ गया है और लोग बेहाल हैं। प्री मानसून की बारिश नहीं होने और मानसून में देरी से आमजन की परेशानी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून के जिला तक पहुंचने में सप्ताह भर का समय लग सकता है। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली विभाग द्वारा बार-बार लाइट गुल करने से बच्चों के साथ बुजुर्ग खासे परेशान हो रहे हैं। उमस के चलते 41 डिग्री का तापमान 43 डिग्री तथा शाम को उसम बढऩे से 32 डिग्री का तापमान 37 डिग्री महसूस हो रहा है। जिस पर गुल होती बिजली ने और भी त्रस्त कर दिया है। जून महीने का पहला पखवाड़ा बीत रहा है, लेकिन आमजन को गर्मी से राहत नहीं मिली है। नवतपा के बाद प्री मानसून की बारिश बस एक बार हुई है। आसमान पर बादल छा तो रहे हैं, लेकिन बरस नहीं रहे हैं, जिससे वातावरण में उमस बढ़ गया है। मानसून करीब है, इसको लेकर प्री मानसूनी बादल आसमान पर छाए हुए हैं, लेकिन उनके नहीं बरसने के कारण आमजन उमस भरी गर्मी से बेहाल हैं। गर्मी की भीषणता तो कुछ कम हुई है, लेकिन उमस के कारण चिपचिपी गर्मी बनी हुई है, जिस पर कूलर पंखे का असर नहीं हो रहा है। इसके चलते लोगों का दिन बेचैनी से गुजर रहा है। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच राहत के लिए अब लोग मानसून की राह तक रहे हैं, लेकिन मानसून के पहले होने वाली बारिश अब तक नहीं हुई है। हालांकि आसमान पर बादल छा रहे हैं, लेकिन उनके नहीं बरसने से वातावरण में उमस भरी गर्मी बनी हुई है। हवाएं भी चल रही है, लेकिन धूप निकलने के कारण गर्मी बना हुआ है। तापमान 40-41 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, लेकिन उमस के कारण 44-45 डिग्री का अहसास हो रहा है। शुक्रवार को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया तो न्यूनतम तापमान 29 डिग्री पर बना रहा। उमस के कारण दिन और रात दोनों ही समय लोगों को राहत नहीं मिल रही है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय हो गया है, लेकिन मानसून 4 दिनों से वहीं जमा हुआ है। मूवमेंट शून्य होने से मानसून आगे नहीं बढ़ रहा है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए मानसून को जिला तक पहुंचने में सप्ताहभर का समय लग सकता है। मानसून छाने तक गर्मी से कोई खास राहत मिलते नहीं दिख रहा है। बढ़ती गर्मी और उमस से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। आमजन जीवन प्रभावित हो गया है, लोग डिहाइड्रेशन के शिकार हो रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। हीटस्ट्रोक के साथ डिहाइड्रेशन से बचने अधिक पानी पीने की सलाह डॉक्टरों द्वारा दी जा रही है। विशेषकर बुजुर्ग और बच्चों पर इसका खासा असर दिखाई दे रहा है।
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