एसईसीएल प्रबंधन नोटिस के बाद मकान खाली कराना भूला, कोरबा एरिया के आवासों में बना है बाहरी लोगों का कब्जा
कोरबा। जिले में एसईसीएल के विभागीय आवासों में लंबे समय से बाहरी लोगों का कब्जा बना हुआ है। इसकी वजह से विभागीय कर्मचारियों को आवास नहीं मिल पाता। प्रबंधन द्वारा कई बार कब्जा हटाने की कार्रवाई की जा चुकी है। इसके बाद भी कब्जा कायम है। कुछ माह पूर्व एसईसीएल कोरबा एरिया ने अवैध कब्जाधारियों पर सख्त कार्रवाई की तैयारी की थी। एरिया संपदा अधिकारी ने अवैध कब्जा हटाने के लिए कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया था। जिसमें तय मियाद में कब्जा खाली नहीं करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की बात सामने आई थी। आवश्यकता पड़ने पर परिसर को खाली करवाने के लिए बल का प्रयोग भी किया जाना था। मगर इसके बाद नोटिस और कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। अब भी मकानों में कब्जा कायम है। एसईसीएल कोरबा एरिया में पम्प हाउस, एसबीएस कालोनी और सुभाष ब्लाक में विभागीय मकान बने हुए हैं। इसमें रिटायर कर्मचारी और बाहरी लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है। कुछ माह पूर्व एसईसीएल कोरबा एरिया संपदा अधिकारी ने विभिन्न आवासों में लंबे समय से कब्जारत 82 अतिक्रमणकारियों को कब्जा हटाने का नोटिस भेजा था। इसकी सूचना भी जारी कर दी गई थी। इसके अनुसार अवैध कब्जाधारियों के खिलाफ संपदा अधिकारी और कोरबा जिला न्यायालय द्वारा विभिन्न आदेश पारित किए गए थे।अवैध कब्जाधारियों को संपदा अधिकारी और न्यायालय द्वारा डाक के माध्यम से पहले ही नोटिस भेज दिया गया था। इसमें कब्जेधारियों से अवैध कब्जा खाली करने करने की बात कही गई थी। इसके बाद भी अतिक्रमणकारियों ने अभी तक कब्जा नहीं हटाया है। नोटिस ने एरिया के विभिन्न आवासों पर अनाधिकृत रूप से किए गए कब्जों को निर्धारित अवधि तक खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया था। अवैध कब्जाधारियों की सूची में एसईसीएल के रिटायर्ड कर्मचारी भी शामिल हैं, जिन्होंने पम्प हाउस के विभागीय आवासों में कब्जा कर रखा है। इसके अलावा स्कूल से संबंधित चार लोगों ने विभागीय आवास पर अवैध कब्जा किया है. इसके अलावा 67 बाहरी लोगों का अतिक्रमण है, जिन्होंने पम्प हाउस, एसबीएस कालोनी और सुभाष ब्लाक में कब्जा किया है। सर्वाधिक कब्जा पम्प हाउस कालोनी में किया गया है। जिन पर कार्रवाई करना विभाग भूल चुका है।
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