वनांचलों में अलर्ट : बुखार के मरीजों की हो रही मलेरिया जांच, रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो मरीज को दवा की पहली खुराक अपने सामने ही खिलाएगी मेडिकल टीम
कोरबा। पिछले कुछ दिनों से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में उल्टी-दस्त, मलेरिया और पीलिया जैसी बीमारियों का प्रकोप दिखाई दे रहा है। बुखार होने पर कहीं लोग इस तरह के रोग की चपेट में तो नहीं, इसे लेकर जिला स्वास्थ्य विभाग ने वनांचलों में अलर्ट जारी कर रखा है। कोरबा कलेक्टर अजीत वसंत के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग की अनेक टीम गांव गांव पहुंचकर स्वास्थ्य शिविर लगा रही है। इस बीच जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एसएन केसरी ने निर्देश दिए हैं कि अगर बुखार के मरीज मिलने पर उनकी तत्काल मलेरिया जांच की जाए। अगर रिपोर्ट पॉजिटिव मिले तो स्वास्थ्य टीम उन्हें अनिवार्य रूप से अपने सामने ही दावा की पहली खुराक खिलाएं।
वनांचल क्षेत्र में बीएमओ का सघन दौरा किया जा रहा है। अद्यतन महामारी को देखते हुए तथा इस महामारी के समय में किसी भी परिवार में जनहानि तथा लोगों को उल्टी दस्त तथा मलेरिया जैसे बीमारियों से बचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इन व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग की संपूर्ण तैयारियो की जमीनी हकीकत को परखने के लिए कोरबा विकास खंड के खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ दीपक राज ने गुरूवार को सरहदी क्षेत्र नकिया, विमलता, पेंड्रीडीह, रपता का भ्रमण कर वहां आयोजित किए जा रहे स्वास्थ्य शिविर का मुआयना किया। अपने मातहत अफसरों और कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। डॉ राज ने सेक्टर प्रभारी डॉ बी.डी. नायक को इन सभी गांवों का एक टीम बनाकर लगातार शिविर लगाने के साथ सभी बुखार के मरीजों का मलेरिया जांच करने और पॉजिटिव मिले मलेरिया के मरीजों को दवा की फर्स्ट डोज डोज अपने सामने खिलाने की हिदायत दी है।
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सर्वे के दौरान 123 मरीजों की जांच कर दी गई जरूरी दवाइयां
इसके अलावा घर घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। डॉ दीपक राज ने मलेरिया जांच व उल्टी दस्त को समय रहते नियंत्रण कर लोगों को इस अद्यतन महामारी से निकाल कर अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी और सजगता से करने को कहा है। गुरुवार को आयोजित शिविर में एक टीम डा. बीडी नायक व एलआर गौतम और दूसरी टीम डा.विवेक पटेल व मनीष के नेतृत्व में शिविर लगाकर जांच की गई। क्षेत्र की कार्यकर्ता कान्ति एक्का और सेक्टर सुपरवाइजर गोस्वामी के सहयोग से यह शिविर लगाया गया। शिविर में कुल 123 मरीजों की जांच के बाद उपचार किया गया। साथ ही मलेरिया जांच कर मरीजों को आवश्यक दवाईयां दी गई।
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