नए सीमांकन से कई पार्षदों का वोट गणित बिगड़ा, नगरीय निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां तेज

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नए सीमांकन से कई पार्षदों का वोट गणित बिगड़ा, नगरीय निकाय चुनाव को लेकर तैयारियां तेज

 

कोरबा। वार्ड का नए तरीके से परिसीमन होने के बाद कई पार्षदों का समीकरण बिगड़ गया। पार्षद इस बात को लेकर चिंतित हैं कि पांच साल तक उन्होंने उस वार्ड में काम नहीं कराया है, जो हिस्से परिसीमन के बाद उनके वार्ड में जुड़े हैं। इस स्थिति में नए क्षेत्र के शामिल होने से वर्तमान पार्षदों की परेशानी चुनाव के समय बढ़ सकती है। चुनावी खर्च में वृद्धि हो सकती है।
नगरीय निकाय चुनाव को लेकर प्रदेश सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार ने निकायों की सीमा का निर्धारण नए तरीके से करना शुरू किया है। इसी कड़ी में कोरबा नगर निगम क्षेत्र में स्थित 67 वार्डों की सीमा निर्धारण कार्य प्रदेश सरकार पूरा कर लिया है। इसे राजपत्र में प्रकाशित कर दिया है। इसके साथ ही प्रत्येक वार्ड की चौहद्दी तय हो गई है। अब इसमें बदलाव स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है। नवंबर- दिसंबर में नगरीय निकाय के चुनाव संपन्न हो सकते हैं। लडऩे की इच्छा रखने लोग अभी से सक्रिए हो गए हैं। चुनाव में अपना टिकट पक्का करने के लिए राजनीतिक दलों के उन पदाधिकारियों के सम्पर्क में हैं, जिनकी पार्टी में पूछ परख है। दावेदार को लगता है कि उनके साथ होने से टिकट पक्का मिल सकता है।राजपत्र में वार्डों का नाम और सीमा रेखा का प्रकाशन करने के बाद वार्ड परिसीमन की कार्रवाई पूरी हो गई है। सरकार ने प्रत्येक वार्ड के लिए एक पार्षद निर्वाचित किए जाने का जिक्र राजपत्र में किया है।
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वार्डों से 94 लोगों ने की थी दावा आपत्ति
कोरबा नगर निगम क्षेत्र की आबादी को 67 वार्डों में बांटा गया है। परिसीमन का कार्य जिला प्रशासन की ओर से स्थानीय स्तर पर किया गया था। वार्डों की सीमा निर्धारित करने के बाद निगम क्षेत्र की जनता से दावा आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए कहा था। इस अवधि में अलग- अलग वार्डों से 94 लोगों ने दावा आपत्ति किया था। स्थानीय स्तर पर आपत्तियों का निराकरण कर जिला प्रशासन ने राजपत्र में प्रकाशन के लिए मंत्रालय को भेजा था। 29 जुलाई को सरकार ने कोरबा नगर निगम क्षेत्र में स्थित वार्डों केक्रमांक और उनके नाम का प्रकाश किया। रामसागरपारा को नंबर वार्ड घोषित किया गया है। जबकि बलगीखार को 67 नंबर वार्ड दिया गया। नगर निगम ने सभी वार्डों की आबादी का निर्धारित इस तरीके से किया है कि क्षेत्र के लोगों को किसी कार्य को लेकर ज्यादा परेशानी नहीं हो। वार्ड पार्षदों ने भी इसमें अपना पक्ष रखा है।
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न्यूनतम चार हजार से लेकर अधिकतम छह हजार आबादी
नए परिसीमन के बाद कोरबा के हर वार्ड की आबादी न्यूनतम चार हजार से लेकर अधिकतम छह हजार के बीच रह गई है। पूर्व में भी नगर निगम में 67 वार्ड थे। लेकिन नगर पालिका परिषद बांकीमोगरा का गठन होने के बाद कोरबा नगर निगम से आठ वार्ड को अलगकर बांकीमोगरा में जोड़ दिया गया था। इससे कोरबा निगम में वार्डों की संख्या 67 हो गई थी। इस बीच नगरीय निकाय चुनाव को लेकर सरकार की ओर से एक पत्र जारी किया गया। जिसमें कोरबा नगर निगम में वार्डों की संख्या 67 निर्धारित की ग्रइ। नगर निगम क्षेत्र की कुल आबादी को 67 वार्डों में विभाजित किया गया है। निगम की कोशिश रही है कि हर वार्ड की आबादी लगभग एक सामान हो। ताकि विकास कार्यों को लेकर निगम की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाध नहीं आए। गौरतलब है कि वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर कोरबा नगर निगम की आबादी तीन लाख 13 हजार 954 है। इसमें अनुसूचित जाति वर्ग की 40 हजार 323 और जनजाति वर्ग की जनसंख्या 39 हजारा 216 है।

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