शहर की सडक़ों पर मवेशियों का कब्जा, जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही
कोरबा। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों की मुख्य मार्ग पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे एक ओर जहां यातायात बाधित होती है वहीं दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। मुख्य मार्ग पर मवेशियों का झुंड बैठा रहता है। तकरीबन दो किमी के क्षेत्र में यह मवेशी बैठते हैं। इनको बचाने के चक्कर में वाहन चालक अपना नियंत्रण खो देते हैं। इससे वे हादसे का शिकार हो जाते हैं। इसके साथ ही मादन मुख्य मार्ग पर भी आवारा मवेशियों का डेरा जमा रहता है। कई बार यहां पर भी सडक़ हादसे हो चुके हैं। नगर निकायों द्वारा किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की जा रही है। इससे मवेशी मालिक अपने मवेशियों को खुला छोड़ रहे हैं। आवारा मवेशियों से यातायात बुरी तरह बाधित हो रहा है, मुख्य मार्गों पर मवेशियों के जमघट से दुर्घटनाओं की आशंका तो बनी ही रहती है साथ ही सडक़ हादसे में कई बार लोगों के साथ ही पशुओं की भी मौत हो जाती है। इसके अलावा गली-मोहल्लों में तो हालत और भी खराब है। गली-मोहल्लों में आवारा मवेशियों के जमघट से नन्हे-मुन्हें बच्चे भयभीत रहते हैं तो कई बार भूख-प्यास से व्याकुल मवेशी लोगों पर हमला भी कर देते हैं। सब्जी विक्रेता भी आवारा पशुओं से परेशान रहते हैं। दिन-प्रतिदिन नगर में इन दिनों आवारा मवेशियों की संख्या बढ़ती जा रही है। कार्यवाही करने के बजाय जिम्मेदार अधिकारी खामोश बैठे हैं।
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