Friday, January 23, 2026

ठंडे बस्ते में रामपुर जलाशय का काम, अब लिथियम खदान से उत्पादन करने की है तैयारी

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ठंडे बस्ते में रामपुर जलाशय का काम, अब लिथियम खदान से उत्पादन करने की है तैयारी

 

कोरबा। कटघोरा में लिथियम खदान खोलने की सुगबुगाहट के बीच जिला प्रशासन ने रामपुर जलाशय के कार्य को बीच में ही रोक दिया है। अभी तक इस जलाशय के निर्माण पर लगभग 45 करोड़ रुपए खर्च हो गए हैं। सिंचाई विभाग की योजना इस जलाशय से आसपास के क्षेत्रों को सिंचित करने की थी। इसके लिए नहर निर्माण की योजना थी। इस कार्य में सरकारी जमीनों के साथ-साथ निजी भूखंड का भी अधिग्रहण शामिल है। लेकिन अब प्रशासन इस जलाशय के लिए जमीन अधिग्रहण की कार्यवाही को रोक दिया है। इस कार्य के लिए प्रदेश सरकार ने जल संसाधन विभाग को निर्माण एजेंसी बनाया था। जलाशय से आसपास के क्षेत्रों में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी दिया जाना प्रस्तावित था। कोरबा जिले के कटघोरा विकासखंड में चिन्हित लिथियम खदान देशी की पहली खदान होगी। जहां से निजी कंपनी इस दुर्लभ तत्व की खनन करेगी। कटघोरा में लिथियम की मौजूदगी से केंद्र और राज्य सरकार को भी राजस्व के आय में बढ़ोत्तरी का अनुमान है। जैसे-जैसे यहां से लिथियम खनन होगा। उसी अनुपात में दोनों सरकारों को राजस्व की प्राप्ति होगी। पूर्व में केंद्र सरकार ने बोली लगाकर कटघोरा के लिथियम कोल ब्लॉक को नीलाम किया था जिसे मैकी साउथ ग्रुप ने ऊंची बोली लगाकर हासिल किया था। अब कंपनी यहां से खनन शुरू करने आगे बढ़ रही है।
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250 हेक्टेयर जमीन के भीतर लिथियम की मौजूदगी
कटघोरा क्षेत्र में लिथियम की मौजूदगी की पुष्टि सर्वे में हुई है। केंद्र सरकार के पास मौजूद रिपोर्ट के अनुसार कटघोरा क्षेत्र के लगभग 250 हेक्टेयर जमीन के भीतर इस तत्व की मौजूदगी का पता चला है। केंद्र सरकार यहां मौजूद लिथियम को बाहर निकालना चाहती है। इसके लिए सरकार ने लिथियम ब्लॉक मैकी साउथ माइनिंग को दिया है। इस कंपनी ने नीलामी की प्रक्रिया में ऊंची बोली लगाकर लिथियम ब्लॉक को हासिल किया है। अब यह कंपनी इस ब्लॉक से लिथियम खनन करने के लिए जिला प्रशासन से संपर्क कर रही है। मैकी ग्रुप ने प्रशासन को बताया है कि उसकी ओर से लिथियम की संभावित भंडार वाले क्षेत्रों में जमीन चिन्हित की जाएगी। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि खनिज खनन से जुड़े जानकारों का कहना है कि मैपिंग प्रारंभिक प्रक्रिया है। इसे पूरा करने में कंपनी को समय लगेगा।

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