Thursday, February 26, 2026

मेगा प्रोजेक्ट गेवरा, दीपका और कुसमुंडा में कर्मी हो रहे हादसे का शिकार, सुरक्षा नियमों की अनदेखी से हो रहे लगातार हादसे

Must Read

मेगा प्रोजेक्ट गेवरा, दीपका और कुसमुंडा में कर्मी हो रहे हादसे का शिकार, सुरक्षा नियमों की अनदेखी से हो रहे लगातार हादसे

कोरबा। दुर्घटना के लिहाज से कोरबा जिले में स्थित कोयला कंपनी की तीनों मेगा प्रोजेक्ट गेवरा, दीपका और कुसमुंडा कोयला कर्मचारियों के लिए असुरक्षित साबित हो रही है। हालांकि दुर्घटना में मारे जाने वाले या घायल होने वाले ज्यादातर कामगार खदानों में काम करने वाले आउटसोर्सिंग कंपनियों में नियोजित हैं। इसके पीछे बड़ा कारण सुरक्षा नियमों की अनदेखी को बताया जा रहा है। कोयला कंपनी की ओर से सुरक्षा नियमों की जानकारी देेने के लिए समय-समय पर कार्यशाला के साथ-साथ कर्मचारियों का प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाता है। लेकिन यह प्रशिक्षण नियमित कर्मचारियों की तुलना में कम होता है। खदानों में काम करने वाली ठेका कंपनियां उत्पादन पर ज्यादा जोर देती है। मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाती है। मेगा प्रेाजेक्ट में कई बार ऐसी दुर्घटनाएं सामने आई है। जिसकी जांच से पता चला है कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी के कारण यह घटना हुई। कुसमुंडा खदान में कार्य के दौरान एक मजदूर ट्रक से दबकर मारा गया था। इस घटना को लेकर भी खान सुरक्षा निदेशालय ने जांच की थी और घटना के लिए लापरवाही को जिम्मेदार बताया था। इसी साल मानसून में कुसमुंडा खदान में सैलाब आया था। इसमें एक माइनिंग अधिकारी की मौत हो गई थी। इस घटना ने भी सुरक्षा नियमों की पोल खोल कर रख दी थी।
बॉक्स
पिछले 5 साल में 36 की जान
पिछले पांच साल में छत्तीसगढ़ की अलग-अलग कोयला खदानों में 36 मजदूरों की जान गई है। जबकि 50 से अधिक मजदूर गंभीर रुप से घायल हुए हैं। ये दुर्घटनाएं कोरबा जिले के अलावा प्रदेश के अलग-अलग जिलों में हुई है। छत्तीसगढ़ में हुई खान दुर्घटना को लेकर हाल ही में एक रिपोर्ट जारी की गई है। जिसमें पिछले पांच साल में मारे गए मजदूरों की संख्या का खुलासा किया गया है। कोयला कंपनी की ओर से बताया गया है कि वर्ष 2024 में अलग-अलग हुई घटना में छह कोयला कामगार मारे गए। जबकि उससे एक साल पहले खान दुर्घटना में दो कोयला श्रमिक मारे गए थे। इसके पहले भी खदान दुर्घटनाएं होती रही है। पांच साल के दौरान कोरबा जिले में स्थिति एसईसीएल की गेवरा, दीपका, कुसमुंडा और मानिकपुर ओपन कास्ट खदानों के अलावा अंडर ग्राउंड खानों में भी दुर्घटना हुई है। इसमें 36 मजदूर मारे गए हैं।

Loading

Latest News

अदाणी फाउंडेशन की सीएसआर से पहल, उरगा में कोरबा पावर द्वारा 500 मीटर सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन

कोरबा। जिले के ग्राम पंचायत उरगा में बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में अदाणी फाउंडेशन ने एक...

More Articles Like This