प्रकाशोत्सव पर हुआ शबद कीर्तन और लंगर
कोरबा। सिख धर्म के दसवें गुरु गोविंद सिंह की जयंती प्रकाशोत्सव के रूप में कोरबा सहित जिले के गुरुद्वारा में मनाई गई। इस अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए गए।
गुरुद्वारों में शबद कीर्तन और लंगर का आयोजन किया गया। इस मौके पर सुबह से ही सिख समाज के लोग गुरुद्वारा पहुंचकर मत्था टेके। गुरु ग्रंथ को चारों तरफ से फूलों और गुब्बारों से सजाया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारे में रक्तदान शिविर का भी आयोजन किया गया। शबद कीर्तन और गुरु इतिहास की जानकारी सुरजीत सिंह हैप्पी ने दी। उन्होंने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जीवन लोगों के लिए काफी प्रेरणादायक रहा। कहा जाता है कि वह अपने पिता गुरु तेग बहादुर की शहादत के बाद मात्र 9 साल की उम्र में गुरु की जिमेदारी ली। उन्होंने छोटी सी उम्र में अपना पूरा जीवन लोगों की सेवा में समर्पित कर दिया। गुरु गोविंद सिंह के जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि हमें जीवन में कभी भी हिम्मत नहीं हारनी चाहिए, चाहे परिस्थिति कितनी भी बुरी क्यों न हो।
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