स्कूल जतन योजना का काम कर बर्बाद हो गया परिवार, मुखिया की हो गई मौत, परिवार ने मांगी इच्छा मृत्यु
कोरबा। स्कूल जतन योजना के माध्यम से नितेश शर्मा निवासी कटघोरा के द्वारा स्कूल मरम्मत कार्य किया गया था। जिसके भुगतान के लिए दर-दर की ठोकर खाते हुए उनकी बीमारी के कारण मृत्यु हो गयी। परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रह है। मृतक के पुत्र अंशु ने कलेक्टर सहित मुख्यमंत्री और प्रधाममंत्री से लेकर ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सम्भाग,कोरबा श्री जोगी को पत्र लिखा है। कटघोरा निवासी अंशु ने पत्र में कहा है कि पिता बाजार हाट में धान, महुआ, खरीदी करते थे। जिससे उनका घर और परिवार चलता था। कोरोना के समय आर्थिक तंगी के कारण धंधा चौपट होने के बाद परिवार के सामने काम धंधा को लेकर संकट पैदा हो गया। फिर पिता स्व. नितेश शर्मा ने टेंडर के माध्यम से ठेका प्राप्त कर स्कूल जतन योजना के स्कूलों के मरम्मत का कार्य किया। उनकी मृत्यु 4 माह पूर्व इलाज के दौरान हो गई है, जिसमें पैसा लगाने के बाद बाजार का कर्ज, माता का जेवर एवं अन्य आभूषणों को गिरवी रखने के बाद, स्कूल मरम्मत का कार्य किया गया जिसका एक भी रुपये उन्हें आज दिनांक तक नहीं मिला। पत्र में कहा गया है कि मृत्यू पूर्व पिता बताते थे कि फण्ड नहीं मिलने के कारण हमारा पैसा रुका हुआ है। पिता के मृत्यु होने के बाद माँ ने ग्रामीण यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जोगी से मिली, उन्होने कहा कि कलेक्टर के पास पैसा रुक गया है, कलेक्टर पैसा नही दे रहे हैं। कलेक्टर को बताया गया कि आदर्श विद्या मंदिर कटघोरा का दो साल का फीस 62 हजार रूपये और घर का बिजली बिल 45 हजार रूपये एवं अन्य राशन कर्ज 1 लाख रूपये हो गया है जिससे परिवार के सामने आर्थिक संकट से निपटने के लिए और कोई संसाधन नही है। अंशु शर्मा ने कहा है कि कलेक्टर अंकल, आप जिला के मालिक हैं, हमारी माँ आत्महत्या करने की बात कहती है। हमारे इस निवेदन को स्वीकार करते हुए हमारे भुगतान के विषय में तत्काल कार्यवाही करें नहीं तो हमें इच्छा मृत्यु हेतु परमिशन दें।
![]()

