कोरबा। सीजी बोर्ड की मुख्य परीक्षा 20 फरवरी से प्रारंभ होगी। इससे पहले शनिवार से प्री-बोर्ड परीक्षा शुरू कर दी गई है। यह परीक्षा जिले के सभी हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में आयोजित की जा रही है, जिसमें कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र शामिल हो रहे हैं।
प्री-बोर्ड परीक्षा के परिणाम से छात्रों को अपनी तैयारी के स्तर का आकलन करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, जिस विद्यालय से छात्र अध्ययनरत हैं, वहाँ के विषय शिक्षकों एवं संस्था प्रमुखों की शैक्षणिक मेहनत का भी मूल्यांकन हो सकेगा। कमजोर प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर स्कूल प्रबंधन एवं शिक्षकों द्वारा अतिरिक्त दबाव बढ़ेगा, ताकि वे बोर्ड परीक्षा में सम्मानजनक प्रदर्शन कर सकें। शनिवार को दोनों ही कक्षाओं की हिंदी विषय की परीक्षा आयोजित की गई। यह प्री-बोर्ड परीक्षा 17 जनवरी तक चलेगी। इसी दौरान 20 जनवरी तक सभी स्कूलों को अपने स्तर पर नियमित छात्रों की प्रायोगिक परीक्षाएं एवं प्रायोजना कार्य पूर्ण कर उसकी रिपोर्ट छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल को सौंपनी होगी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा प्रायोगिक परीक्षा एवं प्रायोजना कार्य के लिए पहले ही तिथियों का निर्धारण कर दिया गया था, जिसकी जानकारी सभी जिलों के डीईओ को दे दी गई थी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 1 जनवरी से 20 जनवरी तक यह परीक्षा आयोजित की जानी है। इधर, प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू भी नहीं हो पाई थीं कि लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) द्वारा प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित करने के निर्देश जारी कर दिए गए। इसे लेकर अधिकांश स्कूल प्रबंधन परेशान हैं। एक ओर दोनों परीक्षाओं को समय-सीमा में पूर्ण कराने की बाध्यता है, वहीं दूसरी ओर छात्रों को मुख्य बोर्ड परीक्षा की तैयारी का पर्याप्त समय नहीं मिल पा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि यह समय छात्रों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, लेकिन जिस प्रकार उन्हें एक साथ प्रायोगिक और प्री-बोर्ड परीक्षाओं में उलझाया जा रहा है, उससे छात्रों का तनाव बढ़ सकता है और परिणाम प्रभावित हो सकता है। यदि प्री-बोर्ड परीक्षा प्रायोगिक परीक्षा के बाद आयोजित की जाती, तो छात्रों पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
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