कोरबा। माघ कृष्ण पंचमी को सरस्वती पूजा का आयोजन परंपरा और आस्था के साथ विभिन्न क्षेत्रों में होगा। मुख्य रूप से इस मौके पर विद्यादायिनी सरस्वती की उपासना होगी। उन्हें विद्या और उससे संबंधित सभी सोपान के अधिष्ठिात्रि माना जाता है। इस बसंत पंचमी 23 को पड़ रही है। बसंत पंचमी पर अनेक स्थानों पर मिट्टी से बनी सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की जाएगी, तो अन्य क्षेत्रों में धातु की प्रतिमा का उपयोग होगा। ऋतु परिवर्तन के साथ ही बसंत पंचमी का संबंध जुड़ा है, इसलिए संबंधित वस्तुएं पूजा में शामिल की जाएंगी। कोरबा के शिक्षण संस्थानों के साथ-साथ ऐसे सभी स्थान जहां पर किसी भी तरह की शिक्षा या प्रशिक्षण की व्यवस्था है, सरस्वती पूजा की परंपरा निभाई जाएगी। इसे लेकर अभी से तैयारी की जा रही है। बसंत पंचमी को देवालयों में भी आयोजन होंगे। विद्यारंभ के लिए भी इस दिन को अत्यंत शुभ माना गया है। सामाजिक संस्थाओं की ओर से इस दिन के महत्व को दर्शाने के लिए पूजा-पाठ के साथ प्रसाद वितरण किया जाएगा।
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