कोरबा। प्रयागराज माघ मेला में स्वामी अविमुक्तेश्वारानंद के साथ हुए व्यवहार को लेकर एवं प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण द्वारा नोटिस जाारी करने के मामले को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर व मनोज चौहान ने निंदा की है। श्री राठौर ने प्रयागराज की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य स्वामी को शाही स्नान करने, गंगा जी में डुबकी लगाने से रोका गया और उनके एवं उनके साथ चल रहे अन्य साधु संतों के साथ दुर्व्यवहार किया गया जो सनातन धर्म का अपमान है। हम इस घटना की घोर एवं कड़ी निंदा करते हैं। ग्रामीण अध्यक्ष मनोज चौहान ने कहा कि स्वामी अविमुक्तेश्वारानंद को पिछले तीन दिनों से अनशन पर बैठने को मजबूर होना पड़ा है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई प्रयास नहीं किया गया है श्री चौहान ने बताया कि शंकराचार्य स्वामी पिछले 40 वर्षों से लगातार शाही स्नान करते आ रहे हैं लेकिन इस बार उन्हें शाही स्नान करने से रोक दिया गया जो कि स्वामी का अपमान है। नेता प्रतिपक्ष कृपाराम साहू ने कहा कि पिछले कई वर्षो से भाजपा सनातन धर्म के नाम पर राजनीति करते आ रही है, लेकिन सच बालने वाले साधु-संतों को अपमानित किया जा रहा है। श्री साहू ने बताया कि स्वामी अविमुक्तेश्वारानंद ने अयोध्या के अधूरे मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा पर आपत्ति जताया था वहीं कोविड काल के दौरान गंगा में तैरती लाशों को लेकर सवाल उठाए थे जिसके लिए उनको अपमानित करने का कोई बहाना ढूँढने लगे हैं। ब्लाक अध्यक्ष पालूराम साहू ने कहा कि आर.एस.एस. प्रमुख को जेड प्लस सुरक्षा दी जाती है और शंकराचार्य स्वामी को गंगा में डुबकी लगाने से रोक दिया जाता है और उनके समर्थकों के साथ मारपीट किया जाता है। ऐसे में आर.एस.एस. प्रमुख तो शंकराचार्य से बड़े हो गए हैं।
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