कोरबा। रामपुर विधानसभा क्षेत्र अन्तर्गत जनपद पंचायत कोरबा के ग्राम पंचायत रजगामार में हुए निर्माण कार्यों की अब जांच की जाएगी। साल 2024 में पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर की शिकायत पर अब भ्रष्टाचार पोल खुलेगी। ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कार्यपालन अभियंता एके जोगी ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की है। टीम शिकायत पत्र में उल्लेखित निर्माण कार्यों की विस्तृत जांच कर सात दिवस के भीतर अभिमत सहित जांच प्रतिवेदन पेश करेगी। पूर्व गृहमंत्री ननकी राम कंवर ने साल 2024 में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से रजगामार पंचायत में हुए निर्माण कार्यों की जांच को लेकर पत्र लिखा था। सीएम को लिखे पत्र उल्लेख किया गया था कि रामपुर विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत रजगामार विकास खंड कोरबा में निर्माण कार्य हुए हैं, जिनकी गुणवत्ता एकदम खराब है। सीसी रोड निर्माण मेन रोड से मुक्तिधाम कार्य में पूर्व से मनरेगा का मिट्टीकृत मार्ग था। जिसके ऊपर बिना मुरूम डाले रोड बनाया गया है। रोड की गुणवत्ता बेहद खराब है अभी से मिट्टी निकलने लगा है। सीसी रोड श्याम नगर से शांतिनगर के कार्य में गुणवत्ता खराब है एवं रोड की मोटाई स्टीमेंट के अनुसार नहीं है। ओमपुर साप्ताहिक बाजार में शेड एवं चबूतरा निर्माण कार्य में केवल चबूतरा बनाया गया हैं। शेड का नामो निशान नही है। चबूतरा की गुणवत्ता सही नही है। नाली निर्माण श्यामनगर के कार्य की गुणवत्ता सही नही है। अहाता निर्माण ओमपुर स्टेडियम तक का कार्य एसईसीएल स्टेडियम में हुआ है। कालम में जाली नही लगी है एवं बेस कमजोर है। ओमपुर तालाब में गाद सफाई का कार्य विधायक मद तथा 15 वें वित मद जनपद स्तर दोनों से स्वीकृत कराई गई है। जो जाँच का विषय है। श्री कंवर ने पत्र में कहा था कि पिछली कांग्रेस सरकार में हुई भ्रष्टाचार का यह एक उदाहरण है, जो जाँच के पश्चात पूर्णत: स्पष्ट हो जाएगा। उन्होंने दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। जिस पर मुख्यमंत्री कार्यालय से आवश्यक कार्रवाई करने का कलेक्टर को आदेश जारी किया गया था। जिस पर अब ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग कार्यपालन अभियंता ने ग्राम पंचायत रजगामार में हुए निर्माण कार्य की जांच को लेकर दल का गठन किया है। जांच दल में विभाग के अनुविभागीय अधिकारी नरेन्द्र सरकार, जनपद पंचायत करतला उप अभियंता संतोष कुमार नायर व विकास चेलक उप अभियंता जनपद कोरबा को शामिल किया गया है। जिन्हें सात दिवस के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने कहा गया है।
शिकायत निरस्त करने भी लिखा गया था पत्र
खास बात यह है कि जब पूर्व गृहमंत्री द्वारा रजगामार पंचायत में जांच को लेकर पत्र लिखा गया था। उसके लगभग तीन माह बाद पुन: उनके लेटर हेड से शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने का उल्लेख वाला पत्र सीएम को लिखा गया। जिसमें उन्होंने षड़यंत्रकारी व्यक्तियों के द्वारा गलत जानकारी देकर मनगढंत शिकायत बताकर पत्र लिखने का उल्लेख किया गया था। गौर करने वाली बात यह रही कि तीन माह पहले लिखे पत्र का क्रमांक ज्यादा और बाद में लिखे पत्र का क्रमांक कम था। पहले लिखे गए पत्र का क्रमांक 1231/रामपुर/ 2024 दिनांक 05/09/2024 है। वहीं 3 माह बाद लिखे गए पत्र का क्रमांक 599/रामपुर/2024 दिनांक 16/12/2024, 27/12/2024 है। सवाल उठता है कि पहले लिखे गए पत्र का क्रमांक अधिक और उसके बाद लिखे गए पत्र का क्रमांक उससे कम कैसे है। अमूमन एक ही साल में लिखे गए पत्र की संख्या बढ़ते क्रम में होती है, लेकिन यहां मामला उल्टा है। यही वजह है कि पत्र की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठ रहा है।
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