कोरबा। कबड्डी देखकर पैदल घर लौट रहे युवक को किसी वाहन के चालक ने ठोकर मार दिया। खून से लथपथ युवक पूरी रात सड़क किनारे पड़ा रहा। परिजनों ने सुबह इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दाखिल कराया, जहां पांच दिनों तक चले इलाज के बाद युवक की मौत हो गई। इकलौते पुत्र की से पिता टूट गया है। पत्नी और बच्चे का भी रो रोकर बुरा हाल है। दीपका थानांतर्गत ग्राम देवगांव में लगुन सिंह कोर्राम निवास करता है। उसका इकलौता पुत्र बृजभवन सिंह कोर्राम 28 वर्ष खेती किसानी कर पिता के अलावा पत्नी और पांच वर्षीय पुत्र का भरण पोषण करता था। 14 फरवरी की सुबह लगुन सिंह दशगात्र में शामिल होने भेजीनारा चला गया। घर में बृजभवन पत्नी और बच्चे के साथ था। देर शाम बृजभवन स्कूल में चल रहे कबड्डी प्रतियोगिता देखने गया था, लेकिन पूरी रात घर नही लौटा। 15 फरवरी की सुबह ग्रामीणों की नजर बहरा नाला पुल के समीप सड़क किनारे खून से लथपथ पड़े बृजभवन पर गई। यह खबर मिलने पर चचेरा भाई जगमोहन मौके पर पहुंचा। उसने घटना की जानकारी चाचा लगुन को देते हुए बृजभवन को इलाज के लिए दीपका स्थित अस्पताल ले गया, जहां से युवक को सघन उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में युवक को उपचार किया जा रहा था। उसने सेहत में कुछ सुधार होने के बाद किसी वाहन की ठोकर से घायल होने की जानकारी पिता सहित अन्य परिजनों को दी। उसकी में सुधार होते देख परिजन निश्ंिचत थे, लेकिन अचानक हालत बिगड़ गई। बृजभवन ने पांच दिनों तक चले इलाज के बाद दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया है। बृजभवन माता पिता का इकलौता संतान था। उसकी मौत से बुढ़ापे की लाठी छिन गई है। वहीं पांच वर्षीय पुत्र के सिर से पिता का साया उठ गया है। बहरहाल पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई उपरांत मृतक के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
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