कोरबा। जिले के धान उपार्जन केंद्रों में वर्तमान में लगभग 5 लाख 18 हजार क्विंटल धान जाम पड़ा हुआ है। बदलते मौसम और संभावित बारिश को देखते हुए प्रशासन ने धान का जल्द से जल्द उठाव सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। मंगलवार दोपहर को हुई हल्की बारिश ने समितियों की टेंशन बढ़ा दी है। आगे बारिश हुई तो धान भीगने का खतरा रहेगा। मौसम में अचानक आए बदलाव और बादलों की आवाजाही के बीच खरीदी केंद्रों में खुले व अस्थायी शेडों में रखे धान की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसे गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने खाद्य विभाग, नागरिक आपूर्ति निगम, तथा परिवहन एजेंसियों को उठाव की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी उपार्जन केंद्र में धान का अनावश्यक भंडारण स्वीकार नहीं किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को केंद्रवार समीक्षा कर प्रतिदिन उठाव की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही तिरपाल, सुरक्षित स्टैकिंग और जल निकासी की समुचित व्यवस्था और धान को तिरपाल से ढक कर रखने सुनिश्चित करने को भी कहा गया है, ताकि नमी से धान की गुणवत्ता प्रभावित न हो। यदि शीघ्र उठाव नहीं हुआ तो नमी के कारण धान खराब होने की आशंका है, जिससे शासन को आर्थिक क्षति और किसानों को भुगतान में देरी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। प्रशासन ने मिलर्स को भी तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने की चेतावनी दी है। लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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