कोरबा। रंगोत्सव के समापन के बाद विवाह मुहूर्त शुरू हो चुके हैं। कोरबा में अब फिर शहनाइयों की गूंज सुनाई देने लगी है। हालांकि यह शुभ समय अधिक दिनों के लिए नहीं है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 6 से 14 मार्च तक लगातार विवाह के मुहूर्त हैं। इसके बाद 15 मार्च से खरमास शुरू हो जाएगा, जो 14 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान सूर्य मीन राशि में रहेगा। इस कारण मार्च में केवल नौ दिन ही विवाह समारोह होंगे। इन सीमित दिनों में भी शहर और आसपास के स्थानों में करीब डेढ़ हजार शादियां होने का अनुमान है। विवाह का मुहूर्त शुरू होते ही शहर के सराफा, कपड़ा, सजावट और खाद्यान्न बाजारों में फिर रौनक लौट आई है। व्यापारियों की मानें तो शादी-ब्याह से जुड़ी खरीदारी के कारण बाजार में कई दिनों बाद फिर से चहल-पहल बढ़ गई है। कपड़ा बाजार में दूल्हा- दूल्हा-दुल्हन के परिधानों के साथ पारंपरिक साड़ियों और लहंगों की मांग बढ़ी है। सजावटी सामग्री, उपहार और मिठाइयों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 15 मार्च से 14 अप्रैल तक खरमास के कारण विवाह नहीं होंगे। इसके बाद 15 अप्रैल से 14 मई तक फिर से विवाह मुहूर्त मिलेंगे। मई में अधिमास लगने के कारण कुछ समय के लिए फिर विराम रहेगा। फिर 19 जून से 12 जुलाई तक दोबारा विवाह के मुहूर्त शुरू होंगे। सीमित दिनों में बड़ी संख्या में होने वाले विवाह समारोहों के कारण एक बार फिर उत्सवों का माहौल बन गया है। बाजारों की चहल-पहल से शहर में शादी के सीजन की रौनक दिखने लगी है। विवाह मुहूर्त कम होने के कारण मैरिज गार्डन और बैंक्वेट हॉल की बुकिंग तेजी से भर गई है। लगभग सभी मैरिज गार्डन में 20 अप्रैल तक बुकिंग हो चुकी है। कई प्रमुख होटल और बैंक्वेट हॉल में पीक डेट्स पर वेटिंग की स्थिति बन गई है। इसके अलावा फूलों का बाजार भी काफी उछाल पर है।
सराफा बाजार में हल्के गहनों की मांग काफी बढ़ी
सोना-चांदी के दाम ऊंचाई पर होने के बावजूद विवाह से जुड़ी खरीदारी पर खास असर नहीं पड़ा है। सराफा व्यवसायी के अनुसार विवाह सीजन शुरू होते ही सोने के मंगलसूत्र, हार, चांदी की पायल और बिछिया की मांग बढ़ी है। हालांकि भारी गहनों की जगह अब हल्के डिजाइन, डायमंड और पोल्की ज्वेलरी, सीमित लेकिन आकर्षक आइटम खरीदे जा रहे हैं। लोग फैशनेबल ज्वेलरी पसंद कर रहे।
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