कोरबा। यात्रियों को अनारक्षित टिकट आसानी से उपलब्ध हो जाएं और उन्हें काउंटर की लंबी लाइन में न खड़ा होना पड़े, इसके लिए ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन स्टेशनों में लगाई गई है। जागरूक व टेक्निकल जानकारी रखने वाले लोग ऐसी मशीनों से स्वत: ही अपनी टिकट प्राप्त कर लेते हैं, लेकिन बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं, जो मशीन को ऑपरेट नहीं कर पाते हैं या करना नहीं चाहते। ऐसे लोगों की मदद के लिए रेल प्रबंधन एटीवीएम से टिकट देने फैसिलिटेटर रखता है। जो यात्रियों को चाहे गए स्टेशनों तक की टिकट बहुत ही कम समय में जारी कर देते हैं। पिछले साल इसके लिए नियुक्त फैसिलिटेटरों की अनुबंध अवधि 31 मार्च को समाप्त होने वाली है। इनकी सेवा समाप्त होने से पहले 12 स्टेशनों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।
कोरबा में दो एटीवीएम हैं। एक स्टेशन के मुख्य गेट के सामने स्थित टिकट काउंटर हॉल में लगा है तो दूसरा सिस्टम स्टेशन के सेकेंड एंट्री पर स्थित अनारक्षित टिकट के लिए बनाए गए भवन में स्थापित है। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक बिलासपुर के अनुसार फैसिलिटेटर के लिए सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों या सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों के पति, पत्नी, वयस्क बच्चे और भारतीय नागरिक (आम जनता) पात्र होगी। यह नियुक्ति एक साल के लिए अर्थात 31 मार्च 2027 तक के लिए वैध होगी।
रेलवे को फैसिलिटेटर की जरूरत इसलिए होती है कि छोटे-छोटे स्टेशनों पर भी अनारक्षित टिकट के लिए वेंडिंग मशीन लगाई गई है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुराग कुमार सिंह ने बताया कोरबा, बिलासपुर, उसलापुर, रायगढ़, अकलतरा, जांजगीर-नैला, चांपा, अनूपपुर, पेंड्रारोड, बुढ़ार, शहडोल व अंबिकापुर रेलवे स्टेशन शामिल हैं, जहां अनारक्षित टिकट जारी करने फैसिलिटेटर की नियुक्ति करनी है।
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