कोरबा। रमजान उल मुबारक अब अपने आखिरी दौर में पहुंच चुका है। सोमवार को रमजान का 26वां रोजा गुजर गया और अब महज 4 रोजे शेष रह गए हैं। चांद के दीदार होने पर इस बार 20 या 21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाई जा सकती है। जैसे-जैसे ईद नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे शहर के बाजारों में रौनक बढ़ती जा रही है। रोजाना शाम के समय इफ्तार के लिए खजूर, फल और अन्य खाद्य सामग्री खरीदने के लिए रोजेदारों की भीड़ दुकानों में उमड़ रही है। रोजेदार इफ्तार के लिए सबसे ज्यादा खजूर और फलों की खरीदारी कर रहे हैं। शहर के बाजारों में देशी और विदेशी दोनों तरह के खजूर उपलब्ध हैं। दुकानदारों के अनुसार खजूर की कीमत 400 रुपए से लेकर 2 हजार रुपए प्रति किलो तक है, जो उसकी वेरायटी पर निर्भर करती है। बनारसी लच्छेदार सेवई, कानपुर की लच्छेदार सेवई, बनारसी किमामी लच्छेदार सेवई, गोरखपुर, पटना एवं बेतिया सहित कुल 10 से अधिक जगहों की बनाई हुई स्वादिष्ट अलग-अलग वेरायटी की सेवइयां शहर में पहुंच चुकी हैं। जो इस साल 100 से 300 रुपया प्रति किलो में बिक रही हैं। इसमें शुद्ध देसी घी से बनी सेवई की ज्यादा डिमांड है। जिसकी कीमत 550 रुपए प्रति किलो है। बनारसी किमामी सेवई का रंग सिर्फ सफेद है। बाकी के पीले हल्के रंग से मिलता-जुलता है। शहर में अनेक जगहों पर सेवई व लच्छे की दुकानें सजी हैं। लच्छा-सेवई की अधिक दुकानें खुली है। फैमिली पैक सेवई भी बाजार में मौजूद है। सेवइयों के साथ-साथ सूखे मेवे भी मिल रहे हैं।
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