कोरबा। अंतिम तिमाही में कोयला उत्पादन एवं डिस्पैच बढ़ाने के उद्देश्य से एसईसीएल सीएमडी हरीश दुहन कोरबा स्थित कंपनी के मेगाप्रोजेक्ट्स के दौरे पर पहुँचे।
श्री दुहन ने सबसे पहले एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदान गेवरा खदान का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीएचपी (कोल हैंडलिंग प्लांट) पहुँचकर कोयला डिस्पैच व्यवस्था की समीक्षा की तथा लोडिंग, ट्रांसपोर्टेशन और आउटफ्लो की स्थिति का जायज़ा लिया। मानसून पूर्व तैयारियों के तहत सीएमडी ने पम्पिंग स्टेशन का भी निरीक्षण किया और जल निकासी, उपकरणों की उपलब्धता तथा ऑपरेशनल तत्परता की समीक्षा की। इसके पश्चात उन्होंने पीएनसी पैच, सैनिक पैच एवं रुंगटा पैच का निरीक्षण करते हुए दिनवार उत्पादन, ओबी हटान एवं गतिविधियों की प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन एफ एम सी परियोजना का अवलोकन करते हुए सीएमडी ने इसे निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने पर विशेष जोर दिया। गेवरा दौरे के दौरान कंपनी के मुख्य सतर्कता अधिकारी हिमांशु जैन भी सीएमडी के साथ रहे। इसके पश्चात सीएमडी श्री दुहन कुसमुंडा माइन पहुँचे, जहाँ डिपार्टमेंटल पैच, गोदावरी पैच तथा नीलकंठ ए एवं बी संविदा पैच का निरीक्षण किया गया। शेष दिनों में अधिकतम कोयला उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए दैनिक ओबी बढ़ाने, संसाधनों के प्रभावी उपयोग और कार्य निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। श्री दुहन ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वित्तीय वर्ष की अंतिम तिमाही अत्यंत महत्वपूर्ण है, अत: हर स्तर पर सतत निगरानी, बेहतर समन्वय और त्वरित निर्णय के माध्यम से उत्पादन व डिस्पैच लक्ष्यों की शत-प्रतिशत प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। सीएमडी हरीश दुहन ने रविवार को प्रात: गेवरा खदान के डिपार्टमेंटल पैच का भी निरीक्षण किया।
![]()




























