कोरबा। जबलपुर हाइकोर्ट से कोल इंडिया के अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है। जानकारी के मुताबिक बुधवार को वेतन विसंगति मामले की सुनवाई के दौरान कोयला मंत्रालय की ओर से पेश असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल ने अदालत में गठित कमेटी की अनुशंसा पर कोयला मंत्री की स्वीकृति की प्रति पेश की। इस कमेटी ने कोल अधिकारियों को महारत्न कंपनियों के अनुरूप पे-अपग्रेडेशन देने की अनुशंसा की थी
कोल इंडिया द्वारा गठित कमेटी ने अधिकारियों के वेतनमान में बड़े बदलाव की अनुशंसा की है। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, ई-1 से ई-7 रैंक तक के अधिकारियों के वेतन में 20 हजार रुपये से अधिक की वृद्धि प्रस्तावित है। अनुशंसा लागू होने पर कोल अधिकारियों को ओएनजीसी जैसी महारत्न कंपनियों की तर्ज पर वेतन मिलेगा। हालांकि ई-8 रैंक और उससे ऊपर के अधिकारियों के वेतनमान में किसी प्रकार की वृद्धि की अनुशंसा नहीं की गयी है। कमेटी के प्रस्ताव के अनुसार, इंट्री ग्रेड (ई-1) में अधिकारियों का वेतनमान 40,000-1,40,000 रुपये से बढक़र 60,000-1,80,000 रुपये हो जायेगा, जबकि ई-7 रैंक में वर्तमान 1,00,000-2,60,000 रुपये के स्थान पर 1,20,000-2,80,000 रुपये वेतनमान की अनुशंसा की गयी है। कोयला मंत्रालय ने अनुशंसा को स्वीकृति देते हुए स्पष्ट किया है कि इसे कैसे लागू करना है और एरियर का भुगतान किस तरह होगा, इसका फैसला कोल इंडिया को करना है। इस पर कोल इंडिया के वकील ने निर्णय के लिए आठ सप्ताह का समय मांगा। इस पर अदालत में लंबी बहस हुई। मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कोल इंडिया जितना जल्दी हो सके, निर्णय ले। मामले की अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी। गौरतलब है कि वेतन विसंगति को लेकर कोल अधिकारी अगस्त 2023 से न्यायिक संघर्ष कर रहे हैं। अब गेंद कोल इंडिया के पाले में है कि वेतन-वृद्धि किस तारीख से लागू होगी।
12वें जेबीसीसीआई के गठन का रास्ता भी साफ
इस फैसले के बाद कोयला मजदूरों के 12वें जेबीसीसीआई के गठन का रास्ता भी काफी हद तक साफ हो गया है। बता दें कि जेबीसीसीआई-11 के बाद कुछ रैंक में कर्मियों का वेतन अधिकारियों से अधिक हो गया था, जिस पर अधिकारियों ने आपत्ति दर्ज करायी थी। इसी के बाद मामला जबलपुर हाइकोर्ट पहुंचा। अदालत के निर्देश पर वेतन विसंगति दूर करने के लिए कमेटी गठित की गयी। अब सबकी निगाहें कोल इंडिया के फैसले पर टिकी हैं, जिससे हजारों कोल अधिकारियों के वेतन और भविष्य की दिशा तय होगी।
![]()

