अस्तित्व खोने की कगार पर देव तालाब, पसरी है गंदगी, एसईसीएल प्रबंधन नहीं दे रहा सफाई पर ध्यान
कोरबा। नदी नालों और जल स्रोतों को सहेजने की दिशा में शासन-प्रशासन स्तर पर अनेक योजनाएं चलाई जा रही है, मगर दूसरी ओर एसईसीएल प्रबंधन की लापरवाही से दीपका क्षेत्र का तालाब अपनी पहचान खोने की कगार पर पहुंच चुका है। तालाब के रखरखाव को लेकर प्रबंधन गंभीर नहीं है। एसईसीएल दीपका अंतर्गत प्रगतिनगर के देवतालाब में गंदगी पसरी हुई है। मगर एसईसीएल दीपका एरिया प्रबंधन सफाई कराने ध्यान नहीं दे रही है। दूसरी ओर एसईसीएल आवासीय कॉलोनी परिसर के समीप यह तालाब होने से उठते दुर्गंध से कर्मचारी परिवारों की परेशानी बढ़ गई है। पितृपक्ष में पितरों का तर्पण करने तालाब में पहुंचते हैं, वहीं छठ पर्व पर भी तालाब के घाट पर पहुंचकर सूर्य का अर्ध्य दिया जाता है। बावजूद इसके तालाब की सफाई को लेकर ध्यान नहीं देने से अस्तित्व खतरे में है। अस्तित्व खो रहे तालाबों के लिए अनेक योजनाएं बनी और पहचान बनी रहे इसके लिए अनेको विकास कार्य कराए गए। मगर एसईसीएल दीपका एरिया के प्रगति कॉलोनी परिसर का देवतालाब उपेक्षित रहा। स्वच्छता पखवाड़ा अभियान में भी एसईसीएल दीपका एरिया के विभिन्न स्थानों की सफाई की गई। इस तरह स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। मगर कचरों से पटा तालाब की सफाई को लेकर कंपनी प्रबंधन ने गंभीरता नहीं दिखाई। अब तालाब का पानी गंदा हो गया है और इससे दुर्गंध भी उठ रही है। कॉलोनीवासियों की परेशानी बढ़ गई है। अनेक गंभीर बीमारी की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है।
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सिविल विभाग को नहीं है मतलब
एसईसीएल दीपका एरिया के कर्मचारी और यूनियन नेताओं की मानें तो सफाई को लेकर एसईसीएल दीपका के सिविल विभाग को ध्यान देने की जरूरत है। सफाई के अभाव में अब पानी गंदा होने से दुर्गंध भी उठ रही है। कई बार तालाब की सफाई को लेकर ध्यान आकृष्ट कराया जा चुका है।
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