कोरबा। जिले के सभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की पोषण स्थिति के वास्तविक आकलन एवं अध्ययन के 9 फरवरी से वजन त्योहार का आगाज हो गया है। 18 फरवरी तक वजन त्योहार का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम जिले के 2602 आंगनवाड़ी केन्द्रों में आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। वजन त्योहार के दौरान बच्चों का वजन एवं ऊँचाई का मापन किया जाएगा तथा प्राप्त आंकड़ों के आधार पर उनकी पोषण स्थिति का मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन उपरांत बच्चों को आवश्यकतानुसार पोषण परामर्श, स्वास्थ्य संबंधी मार्गदर्शन एवं विभागीय सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उनके शारीरिक एवं मानसिक विकास को सुदृढ़ किया जा सके। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी बसन्त मिंज ने बताया है कि विभाग द्वारा इस अभियान को सफल बनाने हेतु सभी आवश्यक तैयारियाँ पूर्ण कर ली गई हैं। विभागीय निर्देशानुसार वजन त्योहार के दौरान आंगनवाड़ी केन्द्रों में पंजीकृत बच्चों के साथ-साथ ऐसे बच्चों का भी वजन लिया जाएगा, जिनका नाम अभी आंगनवाड़ी केन्द्रों में दर्ज नहीं है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र बच्चा शासन की पोषण एवं स्वास्थ्य योजनाओं से वंचित न रहे।
इस संबंध में कलेक्टर कुणाल दुदावत द्वारा भी बैठक लेकर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश देकर निर्धारित अवधि में वजन त्योहार को सुचारू, प्रभावी एवं संवेदनशीलता के साथ संचालित करने तथा किसी भी पात्र बच्चे के नहीं छूटने के निर्देश दिए हैं। वजन त्योहार का मुख्य उद्देश्य कुपोषित बच्चों की समय रहते पहचान, आवश्यक हस्तक्षेप, उन्हें पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ना तथा समुदाय में पोषण संबंधी जागरूकता बढ़ाना है। यह अभियान बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
कलेक्टर श्री दुदावत द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे अपने क्षेत्र के आंगनवाड़ी केन्द्रों में निर्धारित तिथियों के दौरान बच्चों को अनिवार्य रूप से उपस्थित कराएं, ताकि वजन त्योहार का उद्देश्य पूर्ण हो सके और जिले को कुपोषण मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा सकें।
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