कोरबा। सिटी कोतवाली क्षेत्र के सीतामणी निवासी गोविंदा श्रीवास को मंगलवार को पुलिस ने अवैध शराब मामले में पकड़ा था। तय मात्रा से ज्यादा शराब मिलने पर आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इधर बेटे की गिरफ्तारी की जानकारी लगते ही सदमे से उसकी मां की तबीयत बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। बेटे के जेल में होने से अंतिम संस्कार रुक गया। इस स्थिति को लेकर परिजन और स्थानीय लोग पुलिस कार्रवाई से नाराज हो गए। बड़ी संख्या में लोग एसपी ऑफिस पहुंचे। एसपी सिद्धार्थ तिवारी से मुलाकात नहीं होने पर लोग परिसर के मुख्य दरवाजे पर बैठकर गोविंदा श्रीवास की रिहाई की मांग करने लगे। जानकारी मिलते ही सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजन और मौजूद लोगों से चर्चा कर उन्हें शांत कराया। चतुर्वेदी ने बताया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जाएगी और अंतिम संस्कार के लिए पैरोल की कानूनी प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी। पुलिस की मदद से परिजनों ने कोर्ट में पैरोल के लिए आवेदन दिया। कोर्ट ने अंतिम संस्कार के लिए पैरोल पर रिहाई की अनुमति दी। इसके बाद लोग अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए लौट गए। पुलिस ने जेल मैनुअल के अनुसार गोविंदा श्रीवास को अंतिम संस्कार में शामिल कराया। शाम को स्थानीय मुक्तिधाम में उनकी मां का अंतिम संस्कार किया गया। शराब बिक्री की शिकायत पर सीतामाणी क्षेत्र में युक्क पर कार्रवाई की गई थी। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद सदमे से उसकी मां के निधन होने की बात परिजन कह रहे थे। परिजन अंतिम संस्कार के लिए रिहाई की मांग कर रहे थे। उन्हें पूरी कानूनी प्रक्रिया समझाई गई और पैरोल की कार्रवाई कराई गई। पैरोल मंजूर होने पर जेल मैनुअल के तहत आरोपी को अंतिम संस्कार में शामिल कराया गया।
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