Wednesday, February 11, 2026

एचटीपीपी का नया बिजली प्लांट का निर्माण नहीं हो सका शुरू, मोदी के 100 दिन के स्टार्टअप एजेंडे में शामिल हैं प्लांट

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एचटीपीपी का नया बिजली प्लांट का निर्माण नहीं हो सका शुरू, मोदी के 100 दिन के स्टार्टअप एजेंडे में शामिल हैं प्लांट

 

कोरबा। केन्द्र सरकार के 100 दिन के स्टार्टअप एजेंडे में होने पर भी एचटीपीपी कोरबा पश्चिम का नया बिजली प्लांट का निर्माण शुरू नहीं हो सका है। जबकि इसकी आधारशिला अगस्त 2023 में रख चुके हैं। एक साल से अधिक का समय गुजर जाने के बाद भी केन्द्रीय वन व पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी मिलने का अब भी इंतजार है। इधर चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में संयंत्र की पुरानी इकाईयों व डीएसपीएम के परफॉरमेंस ने उत्पादन कंपनी के प्रदर्शन पर असर डाला है। राज्य बिजली उत्पादन कंपनी की सर्वाधिक क्षमता का एचटीपीपी पॉवर प्लांट है। 210 मेगावाट की चार इकाई और पहले चरण के विस्तार की 500 मेगावाट इकाई है। दूसरे चरण का विस्तार होना है। 660 मेगावाट की दो सुपर क्रिटिकल यूनिट लगेगी। इससे राज्य बिजली उत्पादन कंपनी की 1320 मेगावाट उत्पादन क्षमता बढ़ जाएगी। अभी एचटीपीपी, डीएसपीएम व मड़वा प्लांट को मिलाकर 2840 मेगावाट थर्मल संयंत्रों से बिजली उत्पादन की क्षमता है। चालू वित्त वर्ष में 210 मेगावाट की एचटीपीपी पॉवर प्लांट की चार पुरानी इकाईयों का नियमित चलाने बॉयलर ट्यूब लीकेज व अन्य तकनीकी खराबी आने से चुनौतियां सामने आई। इस कारण पहली छमाही में उत्पादन कंपनी का बिजली उत्पादन 10289 मिलियन यूनिट के मुकाबले 9181.82 मिलियन यूनिट दर्ज हुआ है। जिसका पीएलएफ 73.61 फीसदी रहा। जबकि वित्तीय वर्ष 2023-24 की समान अवधि में उत्पादन 10311.58 मिलियन यूनिट था। कंपनी का बीते साल पीएलएफ 82.67 फीसदी था। चालू वित्त वर्ष की अप्रैल से सितंबर तक पहली छमाही में डीएसपीएम का 1756.53 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ है। जबकि लक्ष्य 1768 मिलियन यूनिट का था। जबकि बीते वर्ष समान अवधि में डीएसपीएम का 2018.93 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ था। संयंत्र का पीएलएफ भी गिरा है। कोरबा पश्चिम को पहली छमाही में 5031 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन का लक्ष्य था। लेकिन 3866.71 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ। मड़वा संयंत्र ने 3490 मिलियन यूनिट के लक्ष्य से 3558.58 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन किया। लेकिन बीते साल का 3667.38 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन अधिक रहा। संयंत्र का पीएलएफ 81.02 प्रतिशत रहा जो लक्ष्य 79.46 प्रतिशत से अधिक है। बीते साल 83.50 फीसदी पीएलएफ दर्ज हुआ था। वित्त वर्ष की पहली छमाही में मड़वा संयंत्र की इकाई क्रमांक 2 ने 150 दिन निरंतर बिजली उत्पादन का रिकार्ड बनाया है। 23 सितंबर को यह कीर्तिमान स्थापित किया है।

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