एनटीपीसी कोरबा प्रबंधन ने की कलेक्टर के आदेशो की अवहेलना : प्रहलाद केवट

कोरबा। विगत 3 अक्सतूबर को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला प्रशासन, एनटीपीसी कोरबा प्रबंधन के अधिकारियों एवं भू-विस्थापितों के मध्य बैठक की गई हुई थी। बैठक में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरबा की अध्यक्षता में विजेन्द्र पाटले अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी, प्रभात राम एजीएम (एच.आर.) एनटीपीसी कोरबा, सुमीत रामबागकर, डीजीएम एनटीपीसी, विरेन्द्र कुमार देशमुख, सहायक प्रबंधक (सीएसआर) एनटीपीसी कोरबा व ग्राम चारपारा के भूविस्थापितों में प्रहलाद केवट, पीकराम केवट, अर्जुन देवांगन, उमेंद कुमार, राजकुमार केवट, सुनील कुमार केवट उपस्थिति थे। जिसमें चर्चा हुई थी कि एनटीपीसीसी कोरबा द्वारा सन् 1978-79 में चारपारा व अन्य गांवो की भूमि राष्ट्रीय विद्युत ताप परियोजना हेतु अर्जित की गई थी। 4 सितम्बर 1979 के लिखित आम सूचना व अन्य सूचना अनुसार प्रत्येक परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी देने की बात कही गई थी। जिसकी मांग को लेकर 16 अगस्त 2022 से लगातार 49 दिन तक तानसेन चौक नगर पालिक निगम के पास अनिश्चितकालिन हड़ताल में बैठे थे। जिसके पश्चात पूर्व कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरबा संजीव झा की अध्यक्षता में नौकरी दिये जाने के संबध में
त्रिपक्षीय वार्ता एवं बैठक कार्यवाही पश्चात् 07 बिन्दुओं में नियुक्ति पत्र, एन.टी.पी.सी. कर्मचारियों के समान स्कुल शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा सहित अन्य बिन्दुओं में सहमति पश्चात् कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी कोरबा के अनुमोदन पश्चात् अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी द्वारा लिखित निर्णय दिया गया है। लिखित आदेश क्रमांकः 11853/पुनर्वास/2022 कोरबा दिनॉक: 06/10/2022 को जारी किया गया था। तत्पश्चात भूविस्थापितों द्वारा हड़ताल वापस लिया गया था, परन्तु एनटीपीसी कोरबा प्रबंधन द्वारा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के निर्णय आदेशों का अवमानना किया जा रहा है 15 माह बाद भी आदेशों का पालन नही किया जा रहा है। यह कहना है चारपारा के भू-विस्थापित प्रहलाद केवट का। प्रहलाद केवट के द्वारा कलेक्टर व एनटीपीसी कोरबा को इन 15 माह के दौरान आदेश को पालन करवाने के लिए कई आवेदन दिया जा चुका है, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कोरबा के क्रमांकः 11853/पुनर्वास/2022 कोरबा दिनॉकः 06/10/2022 के पालन हेतु निम्नांकित पत्राचार किया गया है। पत्राचार के बाद भी एनटीपीसी प्रबंधन के द्वारा नियुक्ति पत्र, एन.टी.पी.सी.कर्मचारियों के समान शिक्षा , स्वास्थ्य व अन्य सुविधा 15 माह बाद भी नहीं दिया गया है। एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी के आदेशो का पालन नहीं कर एनटीपीसी प्रबंधन द्वारा 15 माह से गुमराह किया जा रहा है।
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