एनसीडीसी, पड़निया और डोंगरी शासकीय स्कूल में होगी बोर्ड परीक्षा, प्रशासन के प्रस्ताव को माध्यमिक शिक्षा मंडल ने दी मंजूरी
कोरबा। जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए तीन नए केंद्रों को स्वीकृति मिल गई है। इस तरह से अब केंद्र की संख्या 95 से बढक़र 98 हो गई है। मार्च से शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए तीन नए केंद्र बनाए गए हैं। इसमे एनसीडीसी, पड़निया और डोंगरी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शामिल हैं। नए केंद्र बनाए जाने से इस क्षेत्र के विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। उन्हें परीक्षा देने दूर नहीं जाना पड़ेगा। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से मार्च में आयोजित होने वाली कक्षा 10वीं एवं 12वीं की बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में जिला प्रशासन की ओर से माध्यमिक शिक्षा मंडल को भेजे गए प्रस्ताव पर निर्णय लिए जा रहे हैं। कोरबा में तीन नए केंद्र खोले जाने से संबंधित प्रस्ताव को माध्यमिक शिक्षा मंडल की समिति ने मंजूरी दे दी है। इसके पहले कोरबा जिले में 95 परीक्षा केंद्र थे। अब इन केंद्रों के खुलने से जिले में परीक्षा केंद्र की संख्या 98 हो गई है। गौरतलब है कि मुड़ापार हेलीपेड के पास स्थित एनसीडीसी स्कूल की गिनती शहर के बड़े सरकारी विद्यालयों में होती है। इस विद्यालय को परीक्षा केंद्र बनाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से पूर्व में भी कई बार प्रस्ताव भेजे गए थे। लेकिन इसका निर्णय नहीं हो सका था। इस शिक्षा सत्र में आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा के लिए प्रस्ताव भेजे गए। जिसे मंडल ने स्वीकार कर लिया। अभी तक एनसीडीसी स्कूल में पढऩे वाले विद्यार्थी बोर्ड परीक्षा के लिए रामपुर स्थित पीडब्ल्यूडी स्कूल जाते हैं। यहां दो और स्कूल के बच्चे भी परीक्षा देने जाते हैं। विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने और संसाधन कम होने के कारण कई बार विद्यार्थियों को असुविधा होती है। उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी तरह सर्वमंगला मंदिर से कुछ ही किलोमीटर पर स्थित ग्राम पड़निया के सरकारी स्कूल में पढऩे वाले विद्यार्थियों को अपने घर से लगभग 10 किलोमीटर दूर कुदुरमाल जाना पड़ता है। अब स्कूल में नया केंद्र बन जाने से विद्यार्थियों को राहत होगी। डोंगरी स्कूल के विद्यार्थियों को भी राहत मिलेगी।
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दो सप्ताह बाद शुरू होगी प्री बोर्ड की परीक्षा
इधर विद्यार्थियों की तैयारियों को परखने के लिए शिक्षा विभाग 20 जनवरी से प्री-बोर्ड परीक्षा आयोजित कर रहा है। इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से सभी स्कूलों के प्राचार्यो से कहा गया है कि वे बोर्ड परीक्षा से संबंधित सभी पाठ्यक्रम पूरा कराए और विद्यार्थियों को उत्तर लिखने का तरीका बताएं। इसके लिए उन्हें बार-बार अभ्यास कराया जाए, ताकि प्रश्न पत्र हल करने के दौरान विद्यार्थियों को किसी प्रकार की समस्या नहीं आ सके। परीक्षा परिणाम को सुधारने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से उक्त कवायद शुरू की गई है।
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