कोयला कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए करना होगा और इंतजार, जबलपुर उच्च न्यायालय में दायर अपील पर नहीं मिली राहत
कोरबा। कोयला कर्मियों के सितंबर माह के वेतन भुगतान को दो-तीन दिन के लिए स्थगित किया गया है। उम्मीद थी कि मंगलवार को होने वाली सुनवाई में राहत मिल जाएगी। मगर ऐसा नहीं हुआ, अब अगली सुनवाई 5 अक्टूबर को होनी है तब तक कोयला कर्मियों को वेतन भुगतान के लिए और इंतजार करना होगा।
जबलपुर उच्च न्यायालय में दायर अपील पर राहत नहीं मिल सकी है। न्यायालय ने सुनवाई के लिए पांच अक्टूबर की तिथि निर्धारित की है। जस्टिस के अस्वस्थ्य होने पर सुनवाई नहीं हो सकी। इससे कर्मियों को मायूसी का सामना करना पड़ा।11 वां वेतन समझौता होने के बाद कोयला अधिकारियों ने इसे चुनौती देते हुए मध्य प्रदेश के जबलपुर, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर व दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि समझौता सीनियर कर्मचारियों का वेतन ग्रेड थ्री के अधिकारियों से अधिक हो गया है और डिपार्टमेंट आफ पब्लिक इंटरप्राइजेस (डीपीई) के गाइड लाइन का पालन नहीं किया गया है। जबलपुर उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए 11 वों वेतन समझौते के 22 जून, 2023 के कोल मंत्रालय द्वारा जारी अप्रूवल आर्डर को रद्द कर दिया। इस मामले पर निर्णय लेने के लिए डीपीई के पास भेजने का आदेश देते हुए उस पर 60 दिनों में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही कोयला कर्मियों का 11 वां वेतन लटक गया। उच्च न्यायालय के इस फैसले के विरूद्ध हिंद मजदूर सभा (एचएमएस) के महामंत्री नाथूलाल पांडेय ने डबल बेंच में अपील दायर की है। इस पर मंगलवार को सुनवाई होनी थी। पांडेय ने बताया कि जस्टिस के अस्वस्थ्य होने की वजह से सुनवाई टल गई है। संघ ने मजदूरों की समस्या बताते हुए जल्द सुनवाई की मांग रखी,इस पर पांच अक्टूबर की तिथि तय गई है। उम्मीद है कि गुरूवार को इस मामले में जरूर ही कुछ फैसला आएगा। वहीं सुनवाई टलने से मजदूरों में निराशा व्याप्त हो गई है। प्रबंधन ने मजदूरों का माह सितंबर का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है, प्रबंधन को उम्मीद थी कि तीन अक्टूबर को सुनवाई के बाद निर्णय आने पर न्यायालय के आदेश अनुसार कार्य किया जाएगा, पर अब प्रबंधन को भी इसके लिए इंतजार करना पड़ेगा।
![]()

