Thursday, January 22, 2026

खरमास 15 से, फिर एक महीने के लिए मांगलिक कार्यों पर लग जाएगा विराम, 13 जनवरी तक तीर्थ स्थानों में भ्रमण, स्नान, पूजन व साधना करना श्रेष्ठ होगा

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खरमास 15 से, फिर एक महीने के लिए मांगलिक कार्यों पर लग जाएगा विराम, 13 जनवरी तक तीर्थ स्थानों में भ्रमण, स्नान, पूजन व साधना करना श्रेष्ठ होगा

कोरबा। देवउठनी एकादशी से शुरू हुए मांगलिक कार्यों पर 15 दिसंबर से फिर एक माह के लिए विराम लग जाएगा। क्योंकि 15 दिसंबर को सूर्य के धनु राशि में प्रवेश करने से खरमास प्रारंभ हो जाएगा, जो 13 जनवरी तक रहेगा। इस दौरान सभी मांगलिक कार्यों पर विराम रहेगा।ज्योतिषाचार्यों के अनुसार के अनुसार 15 दिसंबर से सूर्य की धनु संक्रांति शुरू होगी। इस बीच सूर्य का धनु राशि में प्रवेश होगा। यह इस खरमास कहलाएगा। इस दौरान शुभ मुहूर्त न होने से मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।लेकिन इस अवसर पर तीर्थाटन, इष्ट देवों की पूजा-अर्चना विशेष शुभ होगी। सूर्य की धनु संक्रंति आरंभ होते से ही विवाह, यज्ञोपवीत, गृह प्रवेश, प्राण प्रतिष्ठा आदि कार्य वर्जित माने जाते हैं।इस दौरान तीर्थ की यात्रा, तीर्थ पर पूजन या कल्पवास की स्थिति को तय करना चाहिए।सामान्य गृहस्थ के लिए 7 दिन से लेकर 42 दिन तक का कल्पवास होता है। इस दौरान सत्संग कथा श्रवण भगवत भजन दान आदि करने चाहिए।
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खरमास समाप्ति बाद विवाह मुहूर्त ये रहेंगे
13 जनवरी को खरमास समाप्ति के बाद 16 जनवरी से एक बार फिर मांगलिक कोर्यों के लिए शुरू मुहूर्त शुरू हो जाएंगे। यह क्रम 6 मार्च तक बना रहेगा। इस दौरान विवाह के 12 विशेष मुहूर्त होंगे। जनवरी- 16, 17, 21 और 22 को विशेष मुहूर्त
फरवरी- 7, 13, 18, 20, 21, 25 को विशेष मुहूर्त
मार्च- 5 एवं 6 को विशेष मुहूर्त रहेंगे।
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14 मार्च से 14 अप्रैल तक मीन मास में भी शुभ कार्य प्रतिबंधित
14 मार्च के बाद में मीन संक्रांति आरंभ होगी। यह भी मलमास की श्रेणी में आता है। 14 मार्च से 14 अप्रैल के बीच अलग-अलग प्रकार के साधना-उपासना का अनुक्रम रहेगा। 14 अप्रैल के बाद पुन: मांगलिक कार्य की रूपरेखा शुरू होगी।

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