कोरबा। गांव से मॉल घूमने आ रहे छात्र व दोस्तों से युवकों ने मारपीट कर मोबाइल, नगदी व बाइक लूट की वारदात को 4 लोगों ने मिलकर अंजाम दिया।प्रार्थी दिलीप बिंझवार ग्राम सरभोंका थाना बांगो में रहता है तथा कक्षा 11 वीं का छात्र है। वह दोपहर करीब 1 बजे अपने दोस्त मनीष बिंझवार और आशीष कुमार बिंझवार के साथ मोटर सायकल हीरो एचएफ डिलक्स क्रमांक सीजी 12 बीडी 2898 में बैठकर कोरबा टीपी नगर पॉम मॉल घूमने आ रहा था। शाम करीब 4 बजे ये लोग ढोढ़ीपारा मोहल्ले के पानी टंकी के पास पहुंचे थे तभी रोड के दूसरे तरफ से 4 लडक़े रोड़ के इस तरफ आकर इनको आवाज देकर रुकवाया और गाड़ी में नंबर प्लेट कहां है, कागजात दिखाओ बोले। सभी मिलकर गाली-गलौच कर जान से मारने की धमकी देकर झापड़ से मारपीट करने लगे, फिर पानी टंकी के पीछे रेल्वे लाईन के किनारे ले जाकर प्रार्थी तथा उसके दोस्त मनीष बिंझवार, आशीष कुमार बिंझवार को हाथ-मुक्का, बेल्ट एवं डण्डा से मारपीट की। उसके बाद रियल मी कम्पनी का मोबाईल कीमती 12000 रुपए, मनीष बिंझवार का मोबाईल कीमती 7000 रुपए, आशीष कुमार बिंझवार का ओप्पो मोबाईल कीमती 9000 रुपए को लूट लिया। प्रार्थी मोबाईल कव्हर में रखे 100 रुपए, मनीष के मोबाईल कव्हर में रखे 50 रुपए तथा आशीष कुमार बिंझवार के मोबाईल कव्हर में रखे 300 रुपए को लूट लिया। इसके अलावा मोटर सायकल हीरो एचएफ डिलक्स क्रमांक सीजी 12 बीडी 2898 कीमती 30000 रुपए को चाबी सहित छीन लिया। उसके बाद आशीष कुमार बिंझवार को बस चढक़र अपने घर चले जाना बोलकर 100 रुपए वापस किये तथा रेल लाईन से घर चले जाओ बोलकर वे लोग वहां से चले गए। इसके बाद सभी पीडि़त युवक बस में चढक़र गोपालपुर अपने दोस्त उदय दास उर्फ बिटटू के घर गए और उसको घटना के बारे में बताया। चौकी सीएसईबी में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। सिविल लाइन रामपुर थाना में दिलीप बिंझवार की रिपोर्ट पर अज्ञात 4 लडक़ों के विरुद्ध नम्बरी पर धारा 115(2), 126(2), 296, 3(5), 309(6), 351(3) बीएनएस के तहत जुर्म दर्ज कर पतासाजी की जा रही है।
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छात्रों के साथ लूट व मारपीट की घटना अत्यंत चिंताजनक
मामले को लेकर अधिवक्ता धनेश कुमार सिंह का कहना है कि घटना अत्यंत निंदनीय, अमानवीय एवं चिंताजनक है। जानकारी के अनुसार चार अज्ञात युवकों द्वारा इन छात्रों को रोककर उनके साथ मारपीट की गई, जान से मारने की धमकी दी गई तथा तीन मोबाइल फोन, नकदी एवं मोटरसाइकिल लूट ली गई। इस घटना का सबसे दुर्भाग्यपूर्ण पहलू यह है कि लूट के बाद आरोपियों द्वारा एक पीडि़त को घर जाने के लिए मात्र 100 रुपये लौटाना, अपराधियों की मानसिकता और कानून के प्रति उनके भयहीन रवैये को दर्शाता है। यह किसी प्रकार की दया नहीं, बल्कि समाज और कानून का खुला उपहास है।
यह घटना न केवल पीडि़त छात्रों और उनके परिजनों के लिए भय और असुरक्षा का कारण बनी है, बल्कि पूरे शहर की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है। यदि सार्वजनिक स्थानों पर घूमने वाले छात्र और युवा ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक स्वयं को कैसे सुरक्षित महसूस करेंगे? प्रशासन एवं पुलिस विभाग से मांग करते हुए उन्होंने कहा कि घटना में संलिप्त सभी आरोपियों की शीघ्र पहचान कर उनकी गिरफ्तारी की जाए। क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए एवं संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जाए। पीडि़तों को सुरक्षा एवं न्याय दिलाने त्वरित और कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शहर की जनता में बढ़ते अपराधों को लेकर गहरी चिंता व्याप्त है। अब समय आ गया है कि अपराधियों के विरुद्ध सख्त संदेश दिया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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