Friday, February 6, 2026

गेवरारोड पेण्ड्रारोड रेल कॉरिडोर का कार्य नहीं पकड़ पा रही रफ्तार, लाइन बिछाने का कार्य नहीं हो सका है पूरा

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गेवरारोड पेण्ड्रारोड रेल कॉरिडोर का कार्य नहीं पकड़ पा रही रफ्तार, लाइन बिछाने का कार्य नहीं हो सका है पूरा

कोरबा। कोयला परिवहन में तेजी लाने के लिए गेवरारोड से पेण्ड्रारोड के बीच लगभग 135 किलोमीटर लंबी रेललाइन का निर्माण किया जा रहा है। करीब पांच साल से इस पर कार्य चल रहा है लेकिन लाइन का कार्य पूरा नहीं हो सका है। इस स्थिति में इस कार्य के इस साल तक भी पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
वर्तमान में गेवरारोड से पेण्ड्रारोड के बीच रेललाइन को बनाने का कार्य चल रहा है। कुछ क्षेत्रों में मिट्टी भराव का कार्य पूरा हो गया है तो कुछ क्षेत्रों में रेललाइन के लिए मिट्टी भरी जा रही है। कटघोरा के करीब कुछ हिस्सों में ठेका कंपनी ने रेल पटरियों को बिछाने का कार्य भी शुरू किया है। लेकिन कोरबी, पसान और पेण्ड्रा के आसपास अभी रेललाइन के लिए चिन्हित जमीन का समतलीकरण का कार्य भी पूरा नहीं हुआ है। इस कारण से इस लाइन के निर्माण में देरी हो रही है। कोरबी और पसान क्षेत्र में कई स्थानों पर अंडरपास का निर्माण भी किया जाना है लेकिन अभी तक अंडरपास बनकर तैयार नहीं हुआ है। ठेका कंपनी ने स्ट्रक्चर का कार्य शुरू किया है जो अभी अधूरा है। आने वाले दिनों में गेवरारोड से पेण्ड्रारोड रेललाइन का निर्माण कार्य पूरा होना है। पहले उम्मीद जताई गई थी कि 2024-25 तक रेललाइन के निर्माण को पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन विभिन्न कानूनी अड़चनों और लाइन से प्रभावित होने वाले लोगों की समस्या के निराकरण में देरी के कारण लाइन निर्माण का कार्य समय पर पूरा नहीं हो सका और अब इसके चालू वित्तीय वर्ष में भी पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
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निर्माण कार्य पूरा होने से कोरबा को मिलेगी राहत
रेल लाइन का निर्माण पूरा होने से कोरबा को कोयला परिवहन से बड़ी राहत मिलने की संभावना है। रेल प्रशासन और कोयला कंपनी की योजना गेवरा, दीपका और कुसमुंडा से होने वाले कोयला लदान को कटघोरा से पेण्ड्रा तक ले जाकर बिलासपुर-पेण्ड्रारोड मेनलाइन में जोडऩे की है। इस लाइन के चालू होने से मध्यप्रदेश और उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में जाने वाली गाडिय़ां इस रास्ते निकल जाएंगी।
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कोयला कंपनी साल दर साल बढ़ा रही उत्पादन
इधर कोयले की मांग को पूरा करने के लिए कोल इंडिया की सहयोगी कंपनी एसईसीएल कोरबा जिले में स्थित मेगा प्रोजेक्ट गेवरा, दीपका और कुसमुंडा से कोयला खनन लगातार बढ़ा रही है। चालू वित्तीय वर्ष में कंपनी ने तीनों मेगा प्रोजेक्ट से लगभग 150 मिलियन टन कोयला खनन का लक्ष्य रखा है लेकिन परिवहन का ढांचा बनकर तैयार नहीं है।

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