जिले में मनरेगा से बदलेगी ग्रामीण आजीविका की तस्वीर, बनाई जा रही है 612 आजीविका डबरी

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कोरबा। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम अंतर्गत मोर गांव मोर पानी महाअभियान 2.0 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में जल सरंक्षण, जल संवर्धन एवं जल संबंधित कार्यों को बढ़ावा देते हुए आजीविका संवर्धन करने के लिए 612 आजीविका डबरी बनाई जा रही हैं। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन एवं सीईओ दिनेश कुमार नाग के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्र के हितग्राहियों की आय बढ़ाने और स्थायी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 612 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना विभिन्न विभागों के समन्वय (कन्वर्जेन्स) से संचालित की जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे। आजीविका डबरी के निर्माण से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज तथा खेतों में आवश्यक सिंचाई की सुविधा सुनिश्चित होगी। इससे खरीफ एवं रबी दोनों फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। साथ ही, पशुपालन एवं मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के माध्यम से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर भी प्राप्त होंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मांग और आवश्यकतानुसार ग्राम पंचायतों में पात्र हितग्राहियों का चयन कर कार्य प्रारंभ कराए जा रहे है। आजीविका डबरी ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन, रोजगार सृजन और आय संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाएगी। जिला पंचायत सीईओ ने बताया कि आजीविका डबरी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का प्रभावी मॉडल है। विभिन्न विभागों के कन्वर्जेन्स से यह योजना लोगों को बहुआयामी लाभ प्रदान करेगी। जिले में 612 आजीविका डबरी के निर्माण से बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और साथ ही जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

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