Friday, February 27, 2026

जिले में हो रही एप्पल और कश्मीरी बेर की खेती, 6 महीने में तैयार हो जाती है फसल, मुनाफा भी ज्यादा

Must Read

कोरबा। जिले में पारंपरिक खेती से अलग हटकर अब किसान नए फसल पर हाथ आजमा रहे हैं। धान के अलावा अब किसान फूल, सब्जी और फलों की खेती पर भी ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। कोरबा जिले में भी ऐसे किसानों की कोई कमी नही है। मौजूदा समय में कोरबा में सेब के आकार जितने बेर का उत्पादन हो रहा है। इस बेर की दो किस्में होती है जिसमें पहली किस्म एप्पल बेर और दूसरी कश्मीरी बेर है। ये दोनों किस्म कोरबा में उगाए जा रहे हैं। ये बेर खाने में ज्यादा खट्टे नहीं होते, इनका स्वाद मीठा होता है इस वजह से लोग इसे खूब पसंद करते हैं। सामान्य तौर पर एप्पल बेर की आवक गर्म तापमान वाले राज्यों से छत्तीसगढ़ में होती है, लेकिन अब कोरबा में भी इसकी खेती शुरू हो गई है। एप्पल बेर की खेती के विषय में किसानों को उद्यानिकी विभाग से जानकारी मिली। एप्पल बेर कम पानी और बेहद कम मेहनत में उगाया जा सकता है। 6 महीने में फसल तैयार हो जाती है. मुनाफा भी काफी अधिक होता है।वनांचल क्षेत्र करतला के कुछ किसानों ने इसकी फसल लगाई है। पहली खेप में ही 100 किलो से अधिक का उत्पादन हुआ है। जिससे किसान उत्साहित हैं, तो उद्यानिकी विभाग भी इस फसल को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। करतला क्षेत्र के गांव कटबितला के किसान कहते हैं कि एप्पल बेर की खेती की शुरुआत की है। इसकी फसल अब तैयार हो चुकी है, उद्यानिकी विभाग से प्रशिक्षण मिला था। पौधे भी प्रदान किए गए थे। हाल फिलहाल में 100 किलो का उत्पादन हुआ है। इसका अच्छा खासा दाम भी मार्केट में मिला है। 120 रुपए प्रति किलो की दर से इसे बेचा था। इसका फसल उगाना काफी आसान है। पानी भी अधिक नहीं लगता और मेहनत भी कम लगती है। उत्पादन अच्छा हो रहा है, किसानों को इस तरह की फसल उगानी चाहिए। इसे और भी व्यवस्थित ढंग से पैदा करने का प्लान है ।पहले तो कोरबा और आसपास के इलाकों में एप्पल बेर बाहर से ही आता था, लेकिन अब कोरबा जिले में इसकी खेती की शुरुआत की गई है। कुछ किसानों ने इसकी खेती की है। उत्पादन भी अच्छा खासा हुआ है। मार्केट में डिमांड अधिक है। इसकी वजह से एप्पल बेर के अच्छे दाम भी मार्केट में मिल रहे हैं। एप्पल बेर की खेती कोरबा में अब तक नहीं होती थी। अभी इसकी शुरुआत है, इसलिए किसान अधिक से अधिक मुनाफा ले सकते हैं किसान ने इसका प्रशिक्षण प्राप्त किया है। तकनीक सीख कर अब वह खुद ही इसका उत्पादन कर रहे हैं। योजना के तहत उन्हें सब्सिडी भी प्रदान की गई है।

Loading

Latest News

पर्यावरण संरक्षण मंडल की कोरबा पॉवर लिमिटेड,पताड़ी के क्षमता विस्तार के लिए आयोजित जनसुनवाई हजारों लोगों की उपस्थिति में सफलता पूर्वक सम्पन्न

कोरबा। पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा जिले के बरपाली तहसील अंतर्गत कोरबा पॉवर लिमिटेड (केपील),पताड़ी के प्रस्तावित 1600 मेगावाट के...

More Articles Like This