जेईई मेन पेपर में टॉयलेट ब्रेक के बाद दोबारा होगी बायोमेट्रिक जांच,एनटीए ने परीक्षा को लेकर जारी की गाइडलाइन
कोरबा। ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) मेन के पेपर में स्टूडेंट्स बीच में टॉयलेट ब्रेक लेते हैं तो उन्हें फिर से तलाशी देनी होगी। यहां तक की इनकी बायोमेट्रिक जांच भी की जाएगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से इस परीक्षा को लेकर गाइडलाइन जारी की गई है। इसके मुताबिक यह निर्देश स्टूडेंट्स के अलावा परीक्षा में शामिल अधिकारी, पर्यवेक्षक के लिए भी है। यहां तक की पानी पिलाने वाले स्टॉफ को भी इसी प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य होगा। इससे पहले जेईई की परीक्षाओं में एंट्री प्वाइंट पर जांच की जाती थी। जानकारों का कहना है कि विभिन्न परीक्षाओं में टॉयलेट ब्रेक के दौरान नकल की संभावना रहती है।यह किसी भी तरीके से हो सकती है। चाहे चीट का उपयोग हो या फिर प्रॉक्सी का यानी एक छात्र के बदले कोई दूसरा पेपर देने पहुंच गया। नए निर्देश से अब इस पर रोक लगेगी। इस मामले में एनटीए के अधिकारियों का कहना है कि नकल रोकने के लिए पहले से नियम सख्त हैं और इसे कठिन किया जा रहा है। आगे चलकर एनटीए से होने वाली अन्य परीक्षाओं पर भी यह नियम लागू होगा। गौरतलब है कि एनटीए के माध्यम नेशनल एलिजिबिलिटी टेस्ट (नेट), नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट), कॉमन मैनेजमेंट एडमिशन टेस्ट (सीमैट), ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीटयूड टेस्ट (जी-पैट), कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी), ऑल इंडिया सैनिक स्कूल्स एंट्रेंस एग्जाम समेत अन्य परीक्षाएं भी आयोजित की जाती है।
बॉक्स
नीट में पेन और पेंसिल पर भी पाबंदी
देशभर के मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेद, होम्योपैथी, वेटनरी समेत अन्य में प्रवेश के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेस टेस्ट (नीट) का आयोजन किया जाता है। इसमें पेन व पेंसिल समेत अन्य स्टेशनरी आइटम, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने पर पाबंदी है। लिखने के लिए पेन सेंटर में ही उपलब्ध कराया जाता है। चश्मा, पर्स, बेल्ट, टोपी, कंगन जैसी सामान भी हॉल में ले जाने की अनुमति नहीं है। यहां तक की पानी की बोतलों की अनुमति भी नहीं पड़ती है। छात्र पूरी बाजू की शर्ट, जेब वाले कपड़े, बड़े बटन, कुर्ते जैसे कपड़े नहीं पहन सकते। वहीं छात्राएं किसी भी डिजाइन की लंबी और फैंसी आस्तीन और कपड़ों में लेयर नहीं पहन सकती।
बॉक्स
कैट में सेंटर पर भी लेते हैं फोटो व थंब इंप्रेशन
कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) में कैंडिडेट को परीक्षा के दौरान वॉश रूम का उपयोग करने की अनुमति नहीं दी जाती है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र में छात्र का बायोमेट्रिक स्कैन, अंगूठे के निशान और फोटो ली जाती है। किसी भी प्रकार की स्टेशनरी और गैजेट हॉल में नहीं ले जाने दिया जाता। यहां तक की कोई भी मेटल केंद्र के अदर नहीं ले जाया जा सकता और परमानेंट ज्वैलरी पर सेलो टेप लगा दिया जाता है। परीक्षा में छात्रों को बेल्ट, पर्स, मोटे सोल के जूते और बड़े जेब वाले कपडे पहनना मना है।
बॉक्स
जेईई का पहला सेशन 24 से, प्रवेश पत्र जल्द जारी
जेईई मेन- 2024 का पहला सेशन 24 जनवरी से 1 फरवरी के बीच आयोजित किया जाएगा। इसके लिए एडमिट कार्ड जल्द जारी होंगे। इस परीक्षा के लिए देशभर के 299 शहरों में केंद्र बनाए जाएंगे। परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (सीबीटी) मोड में होगी। जेईई मेन हिंदी, अंग्रेजी समेत 13 अन्य भाषाओं में होगी। परिणाम 12 फरवरी को घोषित किए जाएंगे। इस बार जेईई मेन सेशन-1 के लिए करीब 14 लाख स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन किया है। यह संख्या पिछले पांच वर्षों में सबसे ज्यादा है। 2023 में जेईई मेन के पहले सत्र के लिए करीब 8 लाख 60 हजार छात्रों ने पंजीयन किया था। दूसरा सेशन अप्रैल में होगा। जिसका फॉर्म 2 फरवरी से 2 मार्च के बीच भरा जाएगा। देश के इंजीनियरिंग संस्थानों में प्रवेश के लिए यह परीक्षा आयोजित की जाती है।
![]()




























