कोरबा। जिले में औद्योगिक गतिविधियों से उत्पन्न प्रदूषण एक बार फिर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित ढ़ेंगुरनाला में भारी मात्रा में औद्योगिक राखड़ (फ्लाई ऐश) मिश्रित पानी बहाए जाने का मामला सामने आया है। इससे न केवल स्थानीय नाला प्रदूषित हो रहा है, बल्कि आगे चलकर हसदेव नदी समेत अन्य जलस्रोतों पर भी इसका प्रतिकूल असर पडऩे की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार नाले का पानी असामान्य रूप से सीमेंट रंग का हो गया है और उसमें रासायनिक गंध भी महसूस की जा रही है। औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाली राख और रसायनयुक्त जल के लगातार रिसाव से पानी की गुणवत्ता तेजी से गिर रही है, जिससे आसपास के खेतों, भूजल और जलीय जीवों को खतरा पैदा हो गया है। कोरबा क्षेत्र पहले से ही औद्योगिक दबाव झेल रहा है। आए दिन नदी-नालों में राख मिश्रित पानी, जलभराव और प्रदूषण की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन ठोस और स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है।
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