ढोल नगाड़ों के साथ नाचते-गाते बप्पा को दी गई विदाई, सुरक्षा के रहे कड़े इंतजाम, अगले बरस तू जल्दी आ के उद्घोष से गूंजे विसर्जन स्थल
कोरबा। कटघोरा नगर में कटघोरा का राजा का जिस भव्यता के साथ गणपति बप्पा का आगमन हुआ था, उतनी ही धूमधाम से विसर्जन किया गया। ढोल- नगाड़ों, धुमाल व डीजे के साथ गणपति बप्पा का विसर्जन यात्रा निकली तो कटघोरा नगर के साथ दूर दराज के हजारों लोगों ने इसमें हिस्सा लिया। सुरक्षा के मद्देनजर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। कटघोरा जय देवा गणेशोत्सव समिति द्वारा इस वर्ष कटघोरा का राजा की स्थापना बहुत ही आकर्षक व बड़ी धूमधाम से संपन्न कराया।
समिति द्वारा अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के तर्ज पर आकर्षक राम मंदिर के प्रतिकृति में पंडाल का निर्माण कराया गया, जो आकर्षण का केंद्र बना रहा। वहीं 21 फिट ऊंचे कटघोरा का राजा की आकर्षक मूर्ति अपने भव्य व बहुत ही सुंदर बना दरबार भी लोगो को मोहित कर रहा था। सात दिनों तक गणपति बप्पा की रौनक देखने लायक रही और प्रतिदिन होने वाली आरती में सैकड़ो लोग शामिल होकर प्रसाद ग्रहण करते रहे। कटघोरा के राजा की विदाईशोभायात्रा कसनिया से निकाली गई। जय देवा गणेशोत्सव समिति द्वारा जिस प्रकार की शोभायात्रा निकाली गई, वह अपने आप मे ऐतिहासिक रही और सभी के लिए यह एक यादगार पल लोगों के बीच बन कर रह गई।शोभा यात्रा में लगभग 28 झांकियों ने सभी को अपनी ओर आकर्षित किया। उज्जैन से आए कलाकारों ने भस्म आरती व डमरू और मंजीरे के थाप से सभी को आजर्षित किया तो वही राधा कृष्ण की जीवंत झांकियों ने सबको मोहित किया। दुर्ग से गौरी कृपा धुमाल साथ में पांच डीजे की धुन पर गणपति बप्पा की विदाई में थिरकने से नही रोक पाए। युवाओं में क्रेन डीजे के साथ आकर्षक लाइटिंग पर उत्साह रहा। पुष्प वर्षा के साथ अनेक जीवन झाकियां लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी रही। विसर्जन शोभायात्रा में लगभग 45 हज़ार लोगों की उपस्थिति रही। विसर्जन शोभा यात्रा में कटघोरा के साथ साथ कोरबा, जांजगीर चांपा, बिलासपुर, पेंड्रा, कोरिया व अन्य जिलों से भी लोग शामिल हुए।
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