कोरबा। जिले से लकड़ी की तस्करी कर दीगर प्रांत व जिलों में खपाया जा रहा है। इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ, जब वन विभाग की टीम ने फिल्मी अंदाज में पीछा कर एमपी पासिंग एक ट्रक को पकड़ लिया। ट्रक में करीब तीन लाख रूपए कीमती साल प्रजाति का 15 नग ल_ा लोड था। वन अमले को आते देख चालक ट्रक छोड़ फरार हो चुका था। मामले में लकड़ी सहित ट्रक को जप्त कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मामला कटघोरा वनमंडल के पसान वन परिक्षेत्र का है। दरअसल शनिवार की देर रात वनमंडाधिकारी कुमार निशांत को मुखबीर से सूचना मिली कि लैंगा परिसर के ग्राम रामपुर के राजस्व क्षेत्र में काटे गए साल प्रजाति के पेड़ को ट्रक में लोड कर ले जाया जा रहा है। मुखबीर की सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी हरकत मे आ गए। उन्होंने उप वनमंडाधिकारी कटघोरा संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन तथा पसान रेंजर मनीष सिंह के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए टीम गठित कर दिया। इस टीम में वनपाल ईश्वर दास मानिकपुरी, कौशल प्रसाद द्विवेदी और सुरक्षा श्रमिक भीमसेन को शामिल किया गया। वन विभाग की टीम मौके पर घात लगाकर बैठी थी। इसी दौरान कक्ष क्रमांक ओए 650 के समीप रात करीब 1.40 बजे एक ट्रक पर टीम की नजर पड़ी। वन अमले ने ट्रक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक ने रफ्तार बढ़ा दी, जिससे वन कर्मियों का संदेह यकीन में बदल गया। उन्होंने ट्रक का पीछा करना शुरू कर दिया। वन विभाग की टीम को पीछा करते देख चालक घबरा गया। वह पकड़े जाने के भय से रामपुर धवलपुर मार्ग मे ट्रक को लावारिस हालत में छोड़ भाग निकला। मौके पर पहुंची टीम ने ट्रक क्रमांक एमपी 17 एचएच 3677 का निरीक्षण किया, तो उसमे साल प्रजाति का ल_ा लोड मिला। टीम चालक की व्यवस्था कर लकड़ी से भरे ट्रक को परिक्षेत्र कार्यालय ले आई। मामले में साल प्रजाति के 15 नग ल_े से भरे ट्रक को जप्त कर लिया है। टीम द्वारा जप्त लकड़ी की तादाद 6.50 घन मीटर है, जिसकी कीमत करीब 3 लाख रूपए आंकी गई है। खास तो यह है कि जप्त लकड़ी में वन विभाग द्वारा लिखा गया आंकड़ा भी दर्ज मिला है। मामले में वन अधिनियम 1927 की धारा 52,55,42(1)(2) व छग परिवहन (वनोपज) की धारा 3,10 के तहत कार्रवाई की गई है। कटघोरा वनमंडल की तरह वनमंडल कोरबा में भी मामला सामने आ चुका है। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड भवन निर्माण के लिए 64 पेड़ों की कटाई की गई थी, जिसे ट्रक में लोडकर मध्यप्रदेश भेजा गया था। मामला सामने आने के बाद वन विभाग की टीम हरकत में आई और छोटे वाहनों को पकड़कर जांच पड़ताल शुरू की गई थी। जिससे शहर से भी तार जुडे होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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