कोरबा। जिले में 108 संजीवनी एम्बुलेंस सुविधा की व्यवस्था लचर होने लगी है। यह कई मौकों पर उजागर भी होता रहा है, जो एक बार फिर देखने को मिला। मंगलवार को हुए घटनाक्रम में पोड़ी उपरोड़ा सीएचसी में तड़पते रहे दुर्घटनाग्रस्त मरीज को शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक 3 घंटे बाद भी नहीं 108 एम्बुलेंस की सुविधा नहीं मिल सकी। उसे प्राथमिक उपचार के बाद हायर सेंटर कटघोरा ले जाना था, किंतु वाहन नहीं मिला और मरीज अकेला बेसहारा पड़ा रहा। ऐसा नहीं था कि यह वाहन किसी इवेंट में बिजी रहा हो बल्कि सम्पर्क नम्बर ही लगातार बिजी बता रहा था और जब स्थानीय सहयोगी से पता लगवाया गया तो रात 8:13 बजे 108 एम्बुलेंस जटगा में ही खड़ी मिली। इसके बावजूद नम्बर डायल करने पर केस में बिजी बताना कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही को ही प्रदर्शित करता है। इसमें कोई संदेह नहीं कि जांच के बाद हो कई फर्जी केस का खुलासा भी हो जाए। वैसे यह तो जांच का विषय है कि की एम्बुलेंस मौजूद रहने के बाद भी किस केस में बिजी था? और नम्बर क्यों इंगेज बताता रहा? बताते चलें कि, कोरबा जिले में महज चार ही 108 एम्बुलेंस संचालित हैं। उसका भी समय पर सेवा नहीं मिल रही है।
![]()

