कोरबा। कोरबा डीएफओ प्रेमलता यादव के निर्देश तथा उपवनमंडाधिकारी उत्तर आशीष खेलवार व उपवनमंडाधिकारी दक्षिण सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में गुुरूवार को करतला वन परिक्षेत्र के नोनबिर्रा परिसर में वन्यजीवों की सुरक्षा व पक्षी संवर्धन के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। नोवा नेचर सदस्य जितेंद्र सारथी व भूपेंद्र जगत द्वारा कार्यशाला में दावानल से वन्यजीवों और उनके रहवास को सुरक्षित रखने संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। पक्षियों की रहवास के लिए कृत्रिम घोसला निर्माण संबंध जानकारी उपलब्ध कराए गए। जिले में शिकारी सक्रिय हैं, जो विद्युत प्रवाहित तार अथवा फंदा बिछाकर जंगल के स्वच्छंद विचरण करने वाले जीव जंतुओं का शिकार करते हैं। ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए वन विभाग ने पहल शुरू कर दी है। विभाग द्वारा लाफा के जंगल में एंटी स्नेयर वॉक किया गया। इसके जरिए ग्रामीणों को अवैध शिकार से होने वाले नुकसान और रोकथाम की जानकारी दी गई। वनमंडल कटघोरा के डीएफओ कुमार निशांत ने वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण को गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश पर वनांचल क्षेत्र में लगातार जन जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में पाली वन परिक्षेत्र के लाफा परिसर के कक्ष क्रमांक पी 134 व पी 135 में शुक्रवार को एंटी स्नेयर वॉक का आयोजन किया गया।
वाइल्ड लाईफ विशेषज्ञ प्रभात दुबे के मार्गदर्शन में वन परिक्षेत्राधिकारी पाली प्रशिक्षु आईएफएस प्रीति यादव तथा वनक्षेत्रपाल योगेश्वर प्रसाद बंजारे के नेतृत्व में वन कर्मियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान वाइल्ड लाईफ विशेषज्ञ श्री दुबे ने लाफा के ग्रामीण, विद्यार्थी व वन अफसर तथा कर्मियों को प्रोजेक्टर के माध्यम से वन्य प्राणियों की सुरक्षा खासकर फंदा से होने वाले शिकार की रोकथाम के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। साथ ही हाथी मानव द्वंद को कम करने के उपायों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि एंटी स्नेयर वॉक प्राणियों के अवैध शिकार व हत्या को रोकने महत्वपूर्ण पहल है। इसमे स्थानीय लोगों की भागीदारी अत्यंत ही आवश्यक है, ताकि जंगल के भीतर वन्यजीव स्वच्छंद विचरण कर सकें। इसके साथ ही पर्यावरण को संतुलित रखा जा सके।
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