Saturday, January 24, 2026

दूसरे दिन भी जारी रही अधिकारी कर्मचारियों की हड़ताल, कार्यालयों में कामकाज रहा प्रभावित

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कोरबा। छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन जिला इकाई कोरबा के आह्वान पर आयोजित 3 दिवसीय हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को भी आंदोलन जारी रहा। जिले के कर्मचारी एवं अधिकारियों द्वारा 11 सूत्रीय मांगों को लेकर तानसेन चौक में आंदोलन किया जा रहा है। आंदोलन 31 दिसंबर तक जारी रहेगा। आंदोलन के दूसरे दिन भी असर दिखा। दफ्तर खुले पर कामकाज नहीं हुए। दूसरी ओर से शीतकालीन अवकाश के बाद खुलने वाले स्कूलों में हलचल की जगह सूनापन बना रहा। बड़ीनन संख्या में कर्मचारी एवं अधिकारी हड़ताल में शामिल रहे। जो शासन की कर्मचारी विरोधी नीतियों के विरुद्ध अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। आंदोलन में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को रखा। तीन दिवसीय आंदोलन की घोषणा के बाद तानसेन चौक पर शामिल होने के लिए पंडाल लगाया गया है। हड़ताल में कहने को तो जिले भर के प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारी शामिल हुए। पर मौके पर देखकर ऐसा लग रहा था मानो वाहनों का चक्काजाम है। फेडरेशन के 11 सूत्रीय मांगों में केंद्रीय कर्मचारियों के समान नियत तिथि से मंगाई भत्ता देने, चार स्तरीय समय मान वेतनमान लागू करने, सभी कर्मचारी एवं अधिकारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, अर्जित अवकाश नगदीकरण की सीमा बढ़ाकर 300 दिन करने, सेवानिवृत्ति की आयु में वृद्धि कर 65 वर्ष करने, सभी विभागों की वेतन विसंगति दूर करने, प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवागणना करते हुए सभी लाभ दिलाने सहित अन्य मांगें शामिल हैं।
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हड़ताल को सीपीआई ने दिया समर्थन
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला सचिव पवन कुमार वर्मा ने कहा कि जानकारी मिली है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन अपने 11 सूत्रीय मांगों को लेकर पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में तीन दिवसीय हड़ताल पर है। तीन दिन विरोध प्रदर्शन करेंगे। सीपीआई का आरोप है कि छत्तीसगढ़ सरकार की उदासीन रवैया से त्रस्त आकर कर्मचारियों को यह कदम उठाना पड़ रहा है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला परिषद कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के 11 सूत्रीय मांगों को जायज बताते हुए आंशिक समर्थन करती है। छत्तीसगढ़ सरकार से मांग की है कि छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की जायज मांगों को तत्काल पूर्ण किया जाए।
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फेडरेशन की प्रमुख 11 सूत्रीय मांग
1)केंद्र सरकार के समान कर्मचारियों एवं पेंशनरों को देय तिथि से महंगाई भत्ता।
2)डी.ए. एरियर्स की राशि कर्मचारियों को जीपीएफ खाते में समायोजित की जाए।
3)सभी कर्मचारियों को चार स्तरीय समयमान वेतनमान दिया जाए।
4)लिपिकों, शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग, महिला बाल विकास विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों को दूर करने पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक किया जाए।
5)प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना करते हुए संपूर्ण सेवा लाभ दिया जाए। पंचायत सचिवों का शासकीयकरण किया जाए।
6)सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान दिया जाए एवं नगरीय निकाय के कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति दिया जाए।
7)अनुकंपा नियुक्ति नियमों में 10 प्रतिशत सीलिंग में शिथिलीकरण किया जाए।
8)प्रदेश में कैशलेस सुविधा लागू की जाए।
9)अर्जित अवकाश नगदीकरण 300 दिवस की जाए।
10)दैनिक, अनियमित, संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की ठोस नीति बने।
11)सभी विभागों में समानता लाते हुए सेवानिवृत्त आयु 65 वर्ष की जाए।

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